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Chhattisgarh में BJP सांसद और मंत्री के बीच विवाद! जानिए- किस बात पर बृजमोहन और गजेंद्र शुरू हुआ टकराव

Chhattisgarh  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के पूर्व शिक्षा मंत्री और मौजूदा शिक्षा मंत्री के बीच टकराव शुरू हो गया है। यह टकराव  बालोद में 9 जनवरी से प्रस्तावित भारत स्काउट्स-गाइड्स राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी को लेकर है। रायपुर सांसद और पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्वयं को छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स-गाइड्स राज्य परिषद का वैधानिक अध्यक्ष बताते हुए जंबूरी स्थगित किए जाने का दावा किया है, वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट कहा है कि जंबूरी निर्धारित तिथि और स्थान पर ही आयोजित की जाएगी।

कांग्रेस ने की है ईआडब्‍ल्‍यू में शिकायत

इस विवाद के बीच कांग्रेस की तरफ से पहले ही वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ईओडब्ल्यू/एसीबी में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। ऐसे में अब यह मामला केवल आयोजन तक सीमित न रहकर प्रशासनिक अधिकार और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है।

बृजमोहन अग्रवाल बोले- प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते 5 जनवरी को राज्य परिषद के उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में जंबूरी कैंप स्थगित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जंबूरी नया रायपुर में आयोजित करने का निर्णय था, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य परिषद और कार्यकारिणी की अनुमति के बिना आयोजन स्थल बदलकर बालोद कर दिया, जो भारत स्काउट्स-गाइड्स के संविधान और प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि जंबूरी के लिए स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की राशि संस्था के खाते में स्थानांतरित करने के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में भेज दी गई। उन्होंने बिना विधिवत टेंडर के निर्माण कार्य कराए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की बनती है।

मंत्री गजेंद्र ने कहा- आयोजन पर कोई संशय नहीं

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने ‘नवभारत’ से चर्चा में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा नियमानुसार उन्हें राज्य परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया ॥ गया है। उन्होंने बताया कि 2 दिसंबर को हुई राज्य परिषद की बैठक में जंबूरी आयोजन का निर्णय लिया गया था और उसी के आधार पर तैयारियां की गई हैं। मंत्री ने कहा, ‘जंबूरी को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, वे तथ्यहीन हैं। टेंडर से जुड़े अधिकांश कार्य जेम पोर्टल के माध्यम से किए गए हैं।

विपक्ष के आरोपों को मिला नया संदर्भ

बालोद जंबूरी को लेकर कांग्रेस पहले ही टेंडर और खर्च प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ईओडब्ल्यू/एसीबी में शिकायत दर्ज करा चुकी है। अब सत्ताधारी दल के भीतर से उठे सवालों ने विपक्ष के आरोपों को नया संदर्भ दे दिया है, जिससे यह मामला और संवेदनशील हो गया है।

राज्य आयुक्त का बयान- तैयारियां पूरी

छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने जंबूरी स्थगित होने की खबरों को भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी 9 से 13 जनवरी तक बालोद में आयोजित होगी। देशभर से 12 से 15 हजार रोवर-रेंजर के शामिल होने की प्रक्रिया चल रही है और अब तक 5500 से अधिक प्रतिभागी बालोद पहुंच चुके हैं। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

शीर्ष नेतृत्व के निर्णय पर टिकी निगाहें

जंबूरी को लेकर सांसद और मंत्री के अलग-अलग दावों के बाद अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि राज्य स्काउट्स-गाइड्स परिषद का वैधानिक अध्यक्ष कौन है और अंतिम निर्णय किसका मान्य होगा। इस स्थिति में जंबूरी के आयोजन को लेकर अंतिम फैसला सरकार के शीर्ष स्तर पर ही तय होने की संभावना है।

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