
Modi Bastar रायपुर। भारत आज अपनी आजादी की 79वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐहितहासिक लाल किला की प्राचीर पर ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने देश की जनता को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस भाषण में छत्तीसगढ़ के बस्तर को लेकर बड़ी बात कही है।
संविधान, कानून और विकास का तिरंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हमने संविधान, काननू और विकास का तिरंगा फहराया है।
मोदी के भाषण में नक्सलवाद
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश में नक्सलवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस तरह देश का बड़ा हिस्सा नक्सलवाद की चपेट में था। इसी वजह से देश के आदिवासियों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा था। युवाओं को जबरन नक्सल हिंसा के रास्ते पर धकेल दिया जा रहा था।
Modi Bastar नक्सली क्षेत्रों में बदल रहे हैं हालात
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले देश में करीब सवा सौ जिले नक्सलवाद से ग्रस्त थे। सवा सौ से ज्यादा जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़े जमा चुका था। आज नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या सवा सौ से घटकर 20 रह गई है।
रेड कॉरिडोर अब विकास का ग्रीन कॉरिडोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नक्सलवाद के कारण देश का एक हिस्से की पहचान रेड कॉरिडोर की बन गई थी। वह हिस्सा रेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता था। मोदी ने कहा कि आज उस हिस्से की भी पहचान बदल गई है। अब वह हिस्सा विकास के ग्रीन कॉरिडोर बन गया है।
Modi Bastar बस्तर को लेकर मोदी ने कह दी बड़ी बात
स्वतंत्रता दिवस के असवर पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नक्सल हिंसा का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने बस्तर की भी बात की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बस्तर को याद करते ही नक्लवाद, हिंसा, बम और गोलियो की आवाज सुनाई देने लगती थी। अब बस्तर की तस्वीर बदल रही है।
मोदी ने कहा कि आज उसी बस्तर के युवा ओलंपिक (बस्तर ओलंपिक) करते हैं। उन्होंने कहा कि आज बस्तर के युवा भारत माता की जय बोलकर मैदान में उतरते हैं। नक्सल क्षेत्रों में हमने संविधान, कानून और विकास का तिरंगा फहरा दिया है।
बिरसामुंडा को किया स्मरण
प्रधानमंत्री ने बिरसामुंडा को स्मरण करते हुए कहा कि हमने भगवान बिरसामुंडा की 150वीं जयंती के अवसर हमने नक्सल हिंसा से अपने आदिवासी भाई-बहनों नक्सलवाद की हिंसा से बचाया है।



