
CSPDCL AI Technology Update रायपुर (Chaturpost Desk): छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली व्यवस्था को अब भविष्य की तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस किया जाएगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष आईएएस सुबोध कुमार सिंह ने डंगनिया मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि बिजली अब केवल सुविधा नहीं, बल्कि मूलभूत आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को 24×7 निर्बाध (Uninterrupted) बिजली की आपूर्ति करना ही विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
डाटा बेस्ड फैसलों पर जोर (Data-Driven Decisions)
अध्यक्ष आईएएस सुबोध कुमार सिंह ने बैठक में ‘डाटा बेस्ड डिसिजन मेकिंग’ (Data Based Decision Making) का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि पुराने ढर्रे पर काम करने के बजाय अब आधुनिक एआई तकनीक का अधिकतम उपयोग होना चाहिए। इससे न केवल सिस्टम की निगरानी आसान होगी, बल्कि फाल्ट का पता लगाना भी तेज होगा।

अधिकारियों को ट्रेनिंग और नई कार्यप्रणाली (Training & Efficiency)
अध्यक्ष श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि पावर कंपनीज़ के हर कर्मचारी को नई तकनीकों से लैस किया जाए। उन्होंने तीनों कंपनियों (जनरेशन, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन) के एमडी के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठक की। लंबित परियोजनाओं (Pending Projects) और नए भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रमुख अधिकारियों की रही मौजूदगी (Who’s Who)
बैठक में बिजली कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व ने हिस्सा लिया, जिसमें शामिल थे:
- एसके कटियार: प्रबंध निदेशक (जनरेशन कंपनी)
- राजेश कुमार शुक्ला: प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन कंपनी)
- भीमसिंह कंवर: प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी)
एडिटर का नजरिया: बिजली विभाग में एआई (AI) का प्रवेश छत्तीसगढ़ के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि यह प्रभावी रूप से लागू होता है, तो बार-बार होने वाली अघोषित बिजली कटौती (Power Cut) से उपभोक्ताओं को स्थायी मुक्ति मिल सकती है।
यह भी पढ़ें- पावर कंपनी के निजीकरण के एजेंडे के साथ पहुंची CMD के नेतृत्व में REC की टीम, देशभर के बिजली कर्मियों की नजर
छत्तीसगढ़ शासन और पावर सेक्टर की हर अपडेट के लिए बने रहें chaturpost.com के साथ।







