
ED रायपुर : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और उसके करीबियों की 1700 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। रायपुर जोनल ऑफिस द्वारा जारी इस कुर्की आदेश (PAO) में दुबई के आलीशान विला से लेकर बुर्ज खलीफा के अपार्टमेंट तक शामिल हैं।
दुबई के ‘प्राइम लोकेशंस’ पर था निवेश
ED की जांच में खुलासा हुआ है कि सट्टेबाजी से हुई काली कमाई को सफेद करने के लिए दुबई के सबसे महंगे इलाकों में निवेश किया गया था। कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं:
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* बुर्ज खलीफा: Burj Khalifa दुनिया की सबसे ऊंची इमारत में स्थित आलीशान अपार्टमेंट।
* दुबई हिल्स एस्टेट: हिल्स व्यू, फेयरवे रेजिडेंसी और सिदरा जैसे पॉश इलाकों में लग्जरी विला और अपार्टमेंट।
* बिजनेस बे: कई हाई-एंड अपार्टमेंट और SLS होटल एंड रेजिडेंस में हिस्सेदारी।
* भारत में निवेश: दिल्ली में स्थित 2 बेशकीमती संपत्तियां भी इस जब्ती के दायरे में आई हैं।
इन पर गिरी गाज
यह संपत्तियां मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों—विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन तिबरेवाल और सुरेंद्र बागड़ी के नियंत्रण वाली संस्थाओं के नाम पर थीं। जांच में पाया गया कि यह पूरी संपत्ति सट्टेबाजी के ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (अपराध की कमाई) से खड़ी की गई थी।
कैसे चलता था काली कमाई का खेल?
ED के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की तरह काम करता था। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से इस काले साम्राज्य को नियंत्रित करते थे।
1. नेटवर्क: टाइगर एक्सचेंज, Gold365 और Laser247 जैसे कई डोमेन के जरिए अवैध सट्टेबाजी होती थी।
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2. प्रॉफिट शेयरिंग: प्रमोटर कुल मुनाफे का 70-75% हिस्सा अपने पास रखते थे, जबकि बाकी हिस्सा पैनल ऑपरेटरों को दिया जाता था।
3. मनी लॉन्ड्रिंग: हजारों डमी बैंक खातों (Mule Accounts) के जरिए पैसे की लेयरिंग की गई और फिर हवाला व क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से इस पैसे को भारत से बाहर भेजकर संपत्तियां खरीदी गईं।
अब तक की कार्रवाई के आंकड़े:
* कुल कुर्की/जब्ती: अब तक लगभग 4336 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज या कुर्क की जा चुकी है।
* छापेमारी: देश भर में 175 से अधिक ठिकानों पर तलाशी ली गई है।
* गिरफ्तारी: मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
* भगोड़ा घोषित करने की तैयारी: सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी और अनिल अग्रवाल को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित करने के लिए विशेष अदालत (PMLA), रायपुर में आवेदन दिया गया है।







