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Green Energy छत्तीसगढ़ में ऊर्जा दक्षता और ग्रीन एनर्जी नियमों में संशोधन, जारी हुई अधिसूचना

Green Energy रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नई बड़ी इमारतों के लिए ऊर्जा दक्षता व हरित रेटिंग प्रणाली (ग्रीन रेटिंग सिस्टम) को लागू कर दिया है। इसका मकसद बड़े भवनों में ऊर्जा की खपत को कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना व वेस्ट मैनेजमेंट को बेहतर बनाना है।

इसके लिए छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 में संशोधन करते हुए इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।आवास व पर्यावरण विभाग के मुताबिक हरित रेटिंग प्रणाली के तहत सरकारी व निजी दोनों तरह के बड़े भवनों को उनकी पर्यावरणीय दक्षता के आधार पर रेटिंग दी जाएगी। यह रेटिंग जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन और हरित निर्माण सामग्री के उपयोग जैसे विभिन्न मापदंडों पर आधारित होगी।

ऊर्जा दक्षता भवन के संबंध में आवासीय भवनों के लिए ईको निवास संहिता (ईएनएस) वभवन, कार्यालयीन भवनों के लिए छत्तीसगढ़ ऊर्जा संरक्षण संहिता (सीजीईसीबीसी) के प्रावधान लागू होंगे।

यह संहिताएं उन भवनों पर लागू होंगी, जिनका निर्मित क्षेत्रफल 2000 वर्गमीटर से अधिक है और कुछ श्रेणियों के भवन जैसे मल्टीप्लेक्स, अस्पताल, होटल व कन्वेंशन सेंटर चाहे उनका निर्मित क्षेत्रफल कुछ भी हो, संहिताओं का अनुपालन करेंगे।

भवन अनुज्ञा अनुमोदन के समय बिल्डर, स्वामी या डेवलपर संबंधित शहरी स्थानीय निकाय अथवा नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय को संहिता के अनुपालन की अनिवार्य आवश्यकता का पालन किए जाने के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करेंगे।पूर्णता व अधिभोग प्रमाणपत्र जारी करते समय बिल्डर, स्वामी या डेवलपर, इन संहिताओं के प्रावधान अनुसार अधिकृत तकनीकी विशेषज्ञ द्वारा जारी अनुपालन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेंगे।

इसमें यह सत्यापित किया जाएगा कि भवन का निर्माण संहिता के अनुरूप किया गया है। अनुपालन प्रमाणपत्र और छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के अंतर्गत अन्य आवश्यक अनुमोदन प्रस्तुत करने के बाद पूर्णता व अधिभोग प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम के प्रावधान अनुसार सक्षम प्राधिकारी किसी भी नए भवन, परिवर्धन या परिवर्तन परियोजना के लिए भवन के निर्माण के दौरान किसी भी चरण पर प्रगति निरीक्षण कर सकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भवन संहिता का अनुपालन करता है।

हरित रेटिंग प्रणाली के संबंध में भारतीय हरित भवन परिषद् (आईजीबीसी) गृह रेटिंग अथवा राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य कोई रेटिंग प्रणाली के प्रावधान लागू होंगे।

निम्न या समतुल्य श्रेणी

प्लैटिनम रेटेड/5स्टार/समकक्ष

गोल्ड रेटेड/4स्टार/समकक्ष

अतिरिक्त तल क्षेत्र अनुपात (एफएआर)

मानक तल क्षेत्र अनुपात का 10 प्रतिशत

मानक तल क्षेत्र अनुपात का 7 प्रतिशत

सिल्वर रेटेड/3स्टार/समकक्ष

मानक तल क्षेत्र अनुपात का 5 प्रतिशत

ये फायदे होंगे

ऊर्जा और पानी की खपत कम होने से भवन के संचालन की लागत में लंबी अवधि तक काफी कमी आती है। ये रेटिंग सिस्टम इमारतों के अंदर हवा की गुणवत्ता, प्राकृतिक रोशनी व धर्मल आराम को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। भारतीय हरित भवन परिषद् तथा ऊर्जा व संसाधन संस्थान जैसी संस्थाओं ने कई रेटिंग सिस्टम विकसित किए हैं, जिनका उपयोग देशभर में बड़े वाणिज्यिक व आवासीय परियोजनाओं में किया जा रहा है।

निःशुल्क एफएआर की पात्रता

यदि किसी भूस्वामी या डेवलपर द्वारा हरित रेटिंग प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाता है, तो इस प्रमाणपत्र के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा निःशुल्क अतिरिक्त तल क्षेत्र अनुपात (एफएआर) अनुज्ञात किया जा सकेगा।

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