
नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम और निर्णायक साबित होने वाला है। राज्य विधानसभा के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान, विपक्षी दल सरकार की घेराबंदी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। मिली जानकारी के अनुसार, विपक्ष आज सदन में ‘अविश्वास प्रस्ताव’ (No Confidence Motion) प्रस्तुत करने की अनुमति मांगेगा, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
सदन का कार्यसूची (Daily Agenda) और आज की हलचल
छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी 14 जुलाई 2026 की दैनिक कार्यसूची के अनुसार, सदन की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे से शुरू होगी। आज का दिन सामान्य कार्यों के अलावा राजनीतिक उठापटक के लिए भी जाना जाएगा।
- प्रश्नकाल की चुनौती: आज के प्रश्नकाल में सरकार के कई प्रमुख मंत्री विपक्षी सदस्यों के तीखे सवालों का सामना करेंगे। इनमें उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मुख्य रूप से सवालों के घेरे में हो सकते हैं।
- अविश्वास प्रस्ताव: कार्यसूची की कंडिका क्रमांक 6 में स्पष्ट रूप से ‘मंत्रि-परिषद में अविश्वास का प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति के लिये प्रस्ताव’ का उल्लेख किया गया है।
सरकार की ओर से पटल पर रखे जाएंगे महत्वपूर्ण प्रतिवेदन
सरकार की ओर से पटल पर रखे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रतिवेदनों की सूची निम्नलिखित है:
खनिज न्यास और कल्याण योजना: जिला खनिज संस्थान न्यास सहित प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के कार्यान्वयन पर सीएजी का प्रतिवेदन (वर्ष 2026, प्रतिवेदन संख्या-05)।
स्थानीय निकायों का वार्षिक प्रतिवेदन: छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा द्वारा अंकेक्षित स्थानीय नगरीय निकायों, पंचायत राज संस्थाओं, अनुदान प्राप्त एवं अन्य स्वायत्तशासी संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन (वर्ष 2024-25)।
जल जीवन मिशन: जल जीवन मिशन पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) का निष्पादन लेखापरीक्षा प्रतिवेदन (वर्ष 2026, प्रतिवेदन संख्या-02)।
मनरेगा (MGNREGA): महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्यान्वयन पर सीएजी का निष्पादन लेखापरीक्षा प्रतिवेदन (वर्ष 2026, प्रतिवेदन संख्या-03)।
राज्य वित्त लेखापरीक्षा प्रतिवेदन: वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर सीएजी का प्रतिवेदन (वर्ष 2026, प्रतिवेदन संख्या-04)।
विधायी कार्य और शासकीय संकल्प
अविश्वास प्रस्ताव के शोर के बीच सदन में कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य (Legislative Business) भी निपटाए जाएंगे। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ‘छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक’ और जीएसटी (GST) संबंधी संशोधन विधेयक पेश करेंगे। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ‘छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक’ पटल पर रखेंगे।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एक विशेष प्रस्ताव भी रखेंगे, जिसमें नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्र सरकार के सहयोग और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया जाएगा।
विपक्ष की रणनीति (Opposition’s Strategy)
विपक्ष ने जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई है। नियम 138 के तहत ध्यानाकर्षण (Calling Attention Motion) के माध्यम से पुरातत्व वस्तुओं के संरक्षण में लापरवाही और जिला अस्पताल जांजगीर में परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि में अनियमितता जैसे गंभीर मुद्दे उठाए जाएंगे।
चतुर विचार
आने वाले घंटों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से सरकार पर कितना दबाव बना पाता है। सदन में सत्ता पक्ष की ओर से इन आरोपों का जवाब देने के लिए मंत्रियों की फौज पूरी तैयारी के साथ उतरने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों (Political Analysts) का मानना है कि आज का सत्र न केवल सरकार की अग्निपरीक्षा होगी, बल्कि भविष्य की राजनीति की दशा और दिशा भी तय करेगा।







