
रायपुर (Chaturpost): छत्तीसगढ़ के पावर सेक्टर में आज से बड़ा भूचाल आ गया है। ‘छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ’ ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए चरणबद्ध आंदोलन (Phased Agitation) का बिगुल फूक दिया है।
प्रबंधन पर गंभीर आरोप (Serious Allegations)
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर आरएल ध्रुव ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के संवैधानिक अधिकारों का लगातार उल्लंघन हो रहा है। उनके अनुसार, प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेशों की अनदेखी कर रहा है और हाई कोर्ट के फैसलों की गलत व्याख्या (Misinterpretation) कर मनमाने तरीके से पदोन्नति (Promotion) की जा रही है।
आज इन 4 जगहों पर प्रदर्शन (Protest Today)
आंदोलन के पहले चरण में आज से 17 अप्रैल तक क्षेत्रीय मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा। आज पहले दिन इन केंद्रों पर विरोध प्रदर्शन जारी है:
रायपुर मुख्यालय में शक्ति प्रदर्शन 17 अप्रैल को किया जाएगा, जहां कर्मचारी अपनी एकता दिखाएंगे।
आंदोलन का शेड्यूल (Protest Schedule & Strategy)
कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है। उन्होंने सामूहिक इस्तीफे (Mass Resignation) की चेतावनी के साथ पूरा रोडमैप जारी किया है:
क्यों बढ़ी रार? (Root Cause)
कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन की तानाशाही (Dictatorship) अब बर्दाश्त से बाहर है। लंबे समय से लंबित मांगों और प्रमोशन में हो रहे भेदभाव ने इस आक्रोश (Outrage) को जन्म दिया है। यदि समय रहते समाधान (Solution) नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में बिजली संकट गहरा सकता है।
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