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Chhattisgarh Excise छत्तीसगढ़ के शराब दुकानों में ‘ओवररेटिंग’ का भंडाफोड़, 1 सस्पेंड, 4 पर केस और 8 अफसरों को नोटिस

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब दुकानों में आम जनता से की जा रही अवैध वसूली और तय कीमत से महंगे दामों पर शराब बेचने (overrating) के खेल पर शासन ने अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ (Office of the Excise Commissioner, Chhattisgarh) ने कड़ा एक्शन लेते हुए राज्य स्तरीय उड़नदस्ता (State Level Flying Squad) की रिपोर्ट पर एक आबकारी उप-निरीक्षक (Excise Sub-Inspector) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (suspended) कर दिया है।

इसके साथ ही, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और शिथिल नियंत्रण (slack control) के आरोप में रायपुर समेत 4 जिलों के 6 आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र (Show Cause Notice) जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

कैसे हुआ इस बड़े गोरखधंधेका पर्दाफाश?

दरअसल, आबकारी विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारी आम आदमी की जेब पर डाका डाल रहे हैं और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग की स्पेशल टीम ने एक नायाब तरीका निकाला। टीम ने दुकानों पर आम ग्राहक बनाकर छद्मक्रेता (decoy buyers/dummy customers) यानी जासूस भेजे। इन छद्मक्रेताओं ने जब मदिरा खरीदी, तो सेल्समैनों की चोरी रंगे हाथों पकड़ी गई।

निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम (Chhattisgarh Excise Act) की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज कर विभाग ने सख्त विभागीय कार्रवाई (departmental action) शुरू कर दी है।

इन जिलों की दुकानों में पकड़ा गया भ्रष्टाचार का खेल

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता (Flying Squad) द्वारा राज्य के अलग-अलग जिलों में किए गए औचक निरीक्षण (surprise inspection) में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं:

  • रायपुर (फाफाडीह विदेशी दुकान): यहां सेल्समैन अश्वन कुमार मेरिया ने शासन द्वारा निर्धारित 240 रुपये प्रति नग वाली ‘ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की’ के 2 पाव के लिए 480 रुपये के स्थान पर 500 रुपये (20 रुपये अधिक) वसूले।
  • धमतरी (कुरूद कम्पोजिट दुकान): यहाँ दो अलग-अलग छद्मक्रेताओं से सेल्समैन कौशल कुमार सोनी और आत्मा राम निर्मलकर ने 1440 रुपये की ‘देशी मदिरा सवा शेरा प्लेन’ के 18 पाव के बदले 1500 रुपये यानी पूरे 60-60 रुपये अधिक ऐंठे। इसके अलावा बागबहरा दुकान में मिलावट (adulteration) का भी गंभीर मामला सामने आया है।
  • खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई (गण्डई दुकान): यहाँ विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर ने 80 रुपये प्रति पाव वाली ‘सवा शेरा देशी मदिरा प्लेन’ के 3 पाव (कीमत 240 रुपये) को 250 रुपये में बेचकर 10 रुपये की अवैध वसूली की।
  • बलौदाबाजार-भाटापारा (हिरमी दुकान): यहाँ सेल्समैन देवेन्द्र कुमार नेताम ने 360 रुपये की ‘गोवा स्पेशल व्हिस्की’ के 3 पाव को ₹390 में बेचकर सीधे 30 रुपये की ओवररेटिंग की।

गाज गिरी: कुरुद के वृत्त प्रभारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड!

धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में पाई गई इस गंभीर वित्तीय अनियमितता (financial irregularity) को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। आदेश के अनुसार, इस प्रभार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुरूषोत्तम सिन्हा, आबकारी उप निरीक्षक (Excise Sub-Inspector), वृत्त प्रभारी कुरूद को तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspended) कर दिया गया है।

निलंबन काल (suspension period) के दौरान उनका मुख्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता रायपुर संभाग नियत किया गया है और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

इन 6 बड़े आबकारी अधिकारियों को कारण बताओनोटिस

अवैध वसूली के इस मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर ही गाज नहीं गिरी है, बल्कि बड़े स्तर पर मॉनिटरिंग (monitoring) न करने वाले ज़िम्मेदार अधिकारियों को भी लपेटे में लिया गया है। आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अफसरों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का खुला उल्लंघन है।

❌ सस्पेंशन (निलंबन) — केवल 1 अधिकारी

  • पुरुषोत्तम सिन्हा (आबकारी उप-निरीक्षक, वृत्त प्रभारी कुरूद, जिला धमतरी): इन्हें कर्तव्य में घोर लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) किया गया है। पूरे दस्तावेजों में केवल इन्हीं का निलंबन आदेश (Suspension Order) है।

⚖️ धारा 38(क) के तहत मिलावट का केस — 4 कर्मचारी (शायद भ्रम यहाँ से हुआ)

धमतरी जिले के कारण बताओ नोटिस वाले दस्तावेज (पेज नंबर 2) में एक जगह स्पष्ट रूप से लिखा है कि विदेशी मदिरा दुकान बागबहरा में मदिरा मिलावट (Liquor Adulteration) करने के कारण 4 लोगों पर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 38 (क) के तहत गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है:

  1. गौकरण सिंह (मुख्य विक्रयकर्ता)
  • मुकेश कुमार पटेल (विक्रयकर्ता)
  • टीकम निषाद (विक्रयकर्ता)
  • घनश्याम नागेश (मल्टीवर्कर)

🚨 धारा 39(ग) के तहत ओवररेटिंग का केस — 4 सेल्समैन

अलग-अलग जिलों की दुकानों में तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने (Overrating) के आरोप में 4 सेल्समैनों के खिलाफ राज्य स्तरीय उड़नदस्ता ने केस (प्रकरण) दर्ज किया है:

  1. अश्वन कुमार मेरिया (विदेशी मदिरा दुकान फाफाडीह, रायपुर)
  • वेदप्रकाश निर्मलकर (कम्पोजिट मदिरा दुकान गण्डई, खैरागढ़)
  • देवेन्द्र कुमार नेताम (कम्पोजिट मदिरा दुकान हिरमी, बलौदाबाजार)
  • कौशल कुमार सोनी व आत्मा राम निर्मलकर (कम्पोजिट मदिरा दुकान कुरूद, धमतरी)

📝 कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) — 8 राजपत्रित/वरिष्ठ अधिकारी

शराब दुकानों पर नियंत्रण ठीक से न रखने के कारण 8 जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों को 7 दिनों के भीतर जवाब देने का कड़ा नोटिस मिला है, सस्पेंशन नहीं। (इनमें रायपुर के राजेश शर्मा, अल्ताफ खान, जेबा खान; खैरागढ़ के अजय सिंह धुर्वे, चंद्रप्रताप सिंह; बलौदाबाजार के मुकेश अग्रवाल, जलेश सिंह और धमतरी की निरूपमा लोन्हारे शामिल हैं)

कुल 12 आदेशों/नोटिस

1. निलंबन आदेश (Suspension Order):

  • आदेश 1: पुरुषोत्तम सिन्हा (आबकारी उप-निरीक्षक, वृत्त प्रभारी कुरूद, जिला धमतरी) — इन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।

2. कारण बताओ सूचना पत्र (Show Cause Notices) – कुल 11 अधिकारियों के नाम:

  • आदेश 2 (रायपुर जिला): राजेश कुमार शर्मा (जिला आबकारी अधिकारी, रायपुर)।
  • आदेश 3 (रायपुर जिला): अल्ताफ खान (संविदा – सहायक जिला आबकारी अधिकारी, रायपुर)।
  • आदेश 4 (रायपुर जिला): सुजेबा खान (सहायक जिला आबकारी अधिकारी, रायपुर) — नोट: इनके नाम पर दो अलग-अलग फाइलें हैं जो एक ही आदेश की प्रति हैं
  • आदेश 5 (खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला): अजय सिंह धुर्वे (जिला आबकारी अधिकारी)।
  • आदेश 6 (खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला): चन्द्रप्रताप सिंह (सहायक जिला आबकारी अधिकारी)।
  • आदेश 7 (खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला): उमेश कुमार अग्रवाल (सहायक जिला आबकारी अधिकारी, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता) — गण्डई दुकान के आकस्मिक निरीक्षण दल में शामिल थे।
  • आदेश 8 (खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला): संतोष दूबे (सहायक आबकारी उपनिरीक्षक, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता) — गण्डई दुकान के निरीक्षण दल में शामिल थे।
  • आदेश 9 (बलौदाबाजार-भाटापारा जिला): मुकेश अग्रवाल (जिला आबकारी अधिकारी)।
  • आदेश 10 (बलौदाबाजार-भाटापारा जिला): जलेश सिंह (सहायक जिला आबकारी अधिकारी)।
  • आदेश 11 (धमतरी जिला): निरूपमा लोन्हारे (जिला आबकारी अधिकारी, धमतरी)。
  • आदेश 12 (महासमुंद/धमतरी संदर्भ – मिलावट केस): गौकरण सिंह (मुख्य विक्रयकर्ता, विदेशी मदिरा दुकान बागबहरा) तथा 03 अन्य विक्रयकर्ता (मुकेश कुमार पटेल, टीकम निषाद और मल्टीवर्कर घनश्याम नागेश) — इन सभी के खिलाफ शराब में मिलावट करने (Adulteration) के कारण छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 38 (क) के तहत गंभीर प्रकरण दर्ज किया गया है, जिसका विवरण धमतरी जिले के पत्र में शामिल है।

चेतावनी: सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस प्राप्ति के 07 दिवस के भीतर अपना समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ नियमानुसार एकपक्षीय दंडात्मक कार्यवाही (ex-parte punitive action) की जाएगी।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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