
रायपुर (Chaturpost Desk)। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL Promotion) ने प्रशासनिक ऊंचाइयों को छूते हुए राज्य की बिजली कंपनियों में दो अलग-अलग बड़े प्रमोशन आदेश (Promotion Orders) जारी किए हैं।
विभागीय समीक्षा और चयन समिति की सिफारिशों के बाद, बिजली कंपनी के दो बेहद सीनियर और अनुभवी अधिकारियों एस.के. चक्रवर्ती (S.K. Chakravarty) और डी.एस. पटेल (D.S. Patel) को पदोन्नत (Promoted) करते हुए टॉप मैनेजमेंट की सबसे पावरफुल कुर्सियां सौंप दी गई हैं। मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) रश्मी वर्मा के डिजिटल हस्ताक्षर से एक ही दिन और एक ही समय पर जारी हुए इन दोनों अलग-अलग आदेशों के बाद से छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और बिजली महकमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
1. एस.के. चक्रवर्ती बने कार्यपालक निदेशक, मिला ₹2,23,800 का टॉप वेतनमान (Executive Director Promotion)
पॉवर कंपनी द्वारा जारी किए गए पहले आधिकारिक आदेश (Official Order) संख्या 460075 के अनुसार, एस.के. चक्रवर्ती (एई-1991 बैच) को विभाग ने एक बड़ी सौगात दी है। वह वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), रायपुर में मुख्य अभियंता (CE – HT-Vig.) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
श्री चक्रवर्ती के प्रमोशन के मुख्य बिंदु:
- नया और बड़ा पद: सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) से हरी झंडी मिलने के बाद श्री एस.के. चक्रवर्ती को तत्काल प्रभाव से पदोन्नत कर कार्यपालक निदेशक यानी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Executive Director – T&D) के पद पर नियुक्त किया गया है।
- बंपर वेतनमान (Pay Matrix): कार्यपालक निदेशक की इस बड़ी कुर्सी के साथ उन्हें पे-मैट्रिक्स लेवल ओ-6 (Pay Matrix Level O-6) के अंतर्गत रुपये 1,16,900 – 2,23,800 का सबसे शानदार वेतनमान दिया गया है।
- वर्तमान जिम्मेदारी: पदोन्नति के साथ ही उन्हें फिलहाल ईडी (HT-Vig.), CSPDCL, रायपुर के पद पर ही पदस्थ रखा गया है, जो उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण (Assuming the Charge) करने की तारीख से पूरी तरह प्रभावी माना जाएगा।
2. डी.एस. पटेल प्रमोट होकर बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (Additional Chief Engineer Promotion)
इसी सिलसिले में कंपनी द्वारा जारी किए गए दूसरे आधिकारिक आदेश संख्या 460067 के तहत एक और बड़ी प्रशासनिक सर्जरी (Administrative Surgery) की गई है। इसके तहत कोरबा में पदस्थ सीनियर अधिकारी डी.एस. पटेल को भी बड़ी पदोन्नति का तोहफा मिला है। वह वर्तमान में एसई (S/s) सर्कल, CSPTCL, कोरबा में अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) के रूप में कार्यरत थे।
डी.एस. पटेल के प्रमोशन के मुख्य बिंदु:
- मिला यह नया पद: विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अनुशंसा पर श्री डी.एस. पटेल को अधीक्षण अभियंता से प्रमोट करके अब अतिरिक्त मुख्य अभियंता (Additional Chief Engineer – T&D) की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- शानदार सैलरी स्केल: अतिरिक्त मुख्य अभियंता की इस नई जिम्मेदारी के साथ उन्हें पे-मैट्रिक्स लेवल ओ-4 (Pay Matrix Level O-4) के तहत रुपये 1,00,800 – 2,04,700 का बंपर वेतनमान मिलेगा।
- नई पदस्थापना: पदोन्नति के साथ ही उन्हें एसीई (S/s) सर्कल, CSPTCL, कोरबा के पद पर ही पदस्थ किया गया है।
दोनों पदोन्नतियां ‘अधिसंख्य पद’ पर, नहीं मानी जाएंगी भविष्य की नजीर (Supernumerary Post)
मुख्य अभियंता (HR) रश्मी वर्मा द्वारा जारी दोनों ही आदेशों में इस बात का बेहद स्पष्ट और कड़ा उल्लेख किया गया है कि ये दोनों ही पदोन्नतियां पूरी तरह से अधिसंख्य पदों (Supernumerary Posts) के विरुद्ध प्रदान की गई हैं।
आदेशों की मुख्य कानूनी शर्त: यह पूरी व्यवस्था बिजली कंपनी के परिपत्र क्रमांक 365 दिनांक 16.01.2026 के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में की गई है। शीर्ष प्रबंधन ने साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि इन दोनों विशेष प्रमोशन ऑर्डर्स को भविष्य में होने वाले किसी अन्य सामान्य प्रमोशन या वरिष्ठता के दावों (Claims) के लिए एक मिसाल या नजीर (Precedent) के रूप में बिल्कुल भी नहीं देखा और माना जाएगा।
अदालती फैसलों और कड़े विधिक नियमों के अधीन रहेगा यह प्रमोशन (Provisional Orders)
बिजली कंपनी के गलियारों में प्रमोशन का यह मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रियाओं और अदालती दांवपेचों के बीच चल रहा था। यही वजह है कि इन दोनों ही प्रमोशन ऑर्डर्स के बैकग्राउंड में माननीय छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और देश की सर्वोच्च अदालत यानी माननीय सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों (Judicial Pronouncements) का पूरा हवाला दिया गया है।
यह पूरी विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया पूरी तरह से न्यायपालिका के आदेशों के अधीन रहकर और पूर्व के कार्यालयीन आदेश संख्या 8113 (दिनांक 19.12.2024) व परिपत्र संख्या 365 (दिनांक 16.01.2026) की गहन समीक्षा (Review) करने के बाद पूरी की गई है।
ये अदालती शर्तें करेंगी दोनों अफसरों के भविष्य का फैसला:
- हाईकोर्ट के पुराने निर्णय: यह आदेश माननीय छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के डब्ल्यूपीएस नंबर 409/2013 (दिनांक 04.02.2019) और डब्ल्यूपीएस नंबर 9778/2019 (दिनांक 16.04.2024) के अनुपालन में जारी हुए हैं।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: माननीय सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) द्वारा एसएलपी (डायरी) नंबर 5555/2025 में दिनांक 24.02.2025 को जारी किए गए निर्देशों का इसमें पूर्ण रूप से पालन किया गया है।
- अंतिम फैसले के अधीन: चूंकि यह मामला विधिक है, इसलिए ये दोनों प्रमोशन पूरी तरह से प्रोविजनल (Provisional) यानी अनंतिम रखे गए हैं। यह भविष्य में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के निर्णयों, हाईकोर्ट में लंबित डब्ल्यूपीसी नंबर 1650/2026 और सुप्रीम कोर्ट की एसएलपी (C) डायरी नंबर 5555/2025 के अंतिम परिणाम के पूर्णतः अधीन रहेगा।
इन तमाम कानूनी और विधिक शर्तों के बीच, सक्षम प्राधिकारी की अंतिम मंजूरी के बाद जारी हुए ये दोनों आदेश बिजली कंपनी के गलियारों में वरिष्ठ अधिकारियों को उनके लंबे अनुभव और कार्यकुशलता का सही प्रतिफल देने की दिशा में एक बड़ा और स्वागत योग्य कदम माने जा रहे हैं।








