कर्मचारी हलचल

8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की चमकेगी किस्मत: नए साल पर मिलेंगे 3 बड़े सैलरी एडवांस, देखें प्रस्ताव

नई दिल्ली न्‍यूज डेस्‍क। देश के लाखों कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए एक बड़ी (useful) खबर सामने आ रही है। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बीच अब कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों को लेकर कशमकश तेज हो गई है। इसी कड़ी में, नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के फायदे के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मेमोरेंडम (Memorandum) सौंपा है।

इस नए प्रस्ताव में स्टाफ साइड ने कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी के साथ 3 नए एडवांस (Salary Advances) को शामिल करने की पुरजोर मांग की है। अगर आठवां वेतन आयोग (8th CPC) इन सिफारिशों को मान लेता है, तो कर्मचारियों को बिना किसी ब्याज के कार खरीदने से लेकर त्योहारों और प्राकृतिक आपदाओं के समय बंपर वित्तीय मदद (Financial Support) मिल सकेगी। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि JCM ने सरकार से क्या-क्या मांगें की हैं।

JCM ने रखी 3 नए एडवांस की मांग (New Salary Advances)

कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने वाली संस्था NC-JCM ने 8th Pay Commission के सामने जो प्रस्ताव रखा है, उसमें मुख्य रूप से तीन नए प्रकार के एडवांस शामिल करने की बात कही गई है। यह प्रस्ताव मौजूदा कंप्यूटर एडवांस (Computer Advance) और हाउस बिल्डिंग एडवांस (House Building Advance – HBA) की सीमा बढ़ाने के अतिरिक्त है।

स्टाफ साइड द्वारा प्रस्तावित 3 नए एडवांस इस प्रकार हैं:

  • फेस्टिवल एडवांस (Festival Advance): त्योहारों के खर्च के लिए एक महीने की बेसिक सैलरी।
  • प्राकृतिक आपदा एडवांस (Natural Calamity Advance): संकट के समय मदद के लिए एक महीने का मूल वेतन।
  • फोर-व्हीलर एडवांस (Four-Wheeler Advance): कार खरीदने के लिए ₹10 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन।

अब लग्जरी नहीं, जरूरत है कार: ₹10 लाख एडवांस की मांग

JCM के स्टाफ साइड ने आठवें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को दिए अपने सुझाव में साफ कहा है कि आज के दौर में कार या फोर-व्हीलर कोई विलासिता (Luxury) की वस्तु नहीं रह गई है।

JCM ने मेमोरेंडम में तर्क दिया: “वर्तमान समय में हर किसी के लिए अपने परिवार के साथ यात्रा करने के लिए फोर-व्हीलर एक आवश्यक वाहन (Essential Vehicle) बन गया है। इसलिए, 8th CPC को अधिकतम ₹10,00,000/- (दस लाख रुपये) तक के फोर-व्हीलर एडवांस की सिफारिश करनी चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है कि कर्मचारियों को दिया जाने वाला यह पूरा लोन पूरी तरह से ब्याज मुक्त (Interest-Free Loan) होना चाहिए।”

अगर यह मांग स्वीकार होती है, तो मध्यम वर्ग के केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुद की कार खरीदने का सपना बेहद आसान हो जाएगा, क्योंकि उन्हें बाजार से महंगे ब्याज दर (Interest Rate) पर ऑटो लोन नहीं लेना पड़ेगा।

प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) में मिलेगा बड़ा संबल

भारत के अलग-अलग हिस्से लगातार अप्रत्याशित बारिश, बाढ़, चक्रवात और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं (Natural Calamities) का सामना कर रहे हैं। ऐसे संकट के समय कर्मचारियों को अचानक बड़ी रकम की जरूरत होती है।

JCM ने आयोग के सामने दलील दी है कि पहले केंद्रीय कर्मचारियों को प्राकृतिक आपदा एडवांस मिलता था, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया था। अब स्टाफ साइड ने मांग की है कि इस बिना ब्याज वाले एडवांस (Interest-Free Advance) को तुरंत बहाल (Restore) किया जाना चाहिए।

आपदा एडवांस की खास बातें:

  1. कर्मचारियों को उनके एक महीने का बेसिक पे (One-Month Basic Pay) एडवांस के रूप में मिले।
  2. इस राशि की रिकवरी या वापसी कर्मचारियों से 24 आसान किश्तों (Installments) में की जाए।

त्योहारों की खुशियां होंगी दोगुनी: फेस्टिवल एडवांस की बहाली

हमारा देश विविधताओं का देश है, जहां हर धर्म और समुदाय के लोग अपने-अपने त्योहार और उत्सव (Festivals & Celebrations) धूमधाम से मनाते हैं। इन त्योहारों में होने वाले भारी खर्च (Expenditure) को देखते हुए जेसीएम ने एक महीने के बेसिक वेतन के बराबर फेस्टिवल एडवांस देने की वकालत की है।

नेशनल काउंसिल (JCM) की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में पहले आधिकारिक पक्ष (Official Side) ने फेस्टिवल एडवांस की बहाली पर विचार करने के लिए सहमति जताई थी, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया जा सका है। अब JCM ने मांग की है कि इसे 8th Pay Commission के जरिए अनिवार्य रूप से लागू किया जाए और इसकी वसूली 10 आसान किश्तों में की जाए।

कब तक आएंगी 8th Pay Commission की सिफारिशें?

वर्तमान समय में आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) विभिन्न हितधारकों और कर्मचारी यूनियनों से मेमोरेंडम और सुझाव स्वीकार कर रहा है। प्रक्रियाओं के अनुसार, आयोग इन सभी ज्ञापनों का गहन अध्ययन (Detailed Study) करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशें (Recommendations) सौंप देगा, जिसके बाद केंद्रीय कैबिनेट इस पर अंतिम मुहर लगाएगी।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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