
रायपुर: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण फेरबदल हुआ है। राज्य सरकार ने रायपुर स्थित राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (State Forensic Science Laboratory – FSL) के नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब FSL की कमान वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अंकित कुमार गर्ग के हाथों में होगी।
सेवा निवृत्त अधिकारी एस.सी. द्विवेदी हुए मुक्त
छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग के अवर सचिव डी.एस. ध्रुवे द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सेवा निवृत्त पुलिस महानिरीक्षक एस.सी. द्विवेदी को FSL के संचालक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
बता दें कि एस.सी. द्विवेदी अपने सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद भी एक वर्ष के सेवा विस्तार पर थे। उन्हें FSL के संचालक का विशेष दायित्व सौंपा गया था, जिसे अब उन्होंने सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
कौन हैं नए संचालक अंकित कुमार गर्ग?
अब पीएचक्यू (Police Headquarters) में पदस्थ पुलिस महानिरीक्षक (IG) अंकित कुमार गर्ग (भापुसे-2004) को राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का संचालक बनाया गया है।
- पदभार: वे अपने वर्तमान कर्तव्यों (Current Responsibilities) के साथ-साथ अब FSL के संचालक का अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) भी संभालेंगे।
- महत्व: FSL का पद वैज्ञानिक जांच और अपराध अनुसंधान में बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रशासनिक दृष्टिकोण और भविष्य की चुनौतियां
फोरेंसिक विज्ञान आज के दौर में अपराधों के सुलझाने (Case Solving) में एक Key Role निभाता है। वैज्ञानिक साक्ष्यों (Scientific Evidence) की मजबूती ही अदालतों में दोषियों को सजा दिलाने में मदद करती है।
अंकित कुमार गर्ग के सामने अब FSL की तकनीकी क्षमता को और बढ़ाने और पेंडिंग केसों (Pending Cases) की जांच में तेजी लाने की जिम्मेदारी होगी। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस नियुक्ति से लैब के कामकाज में और अधिक Efficiency आएगी।
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छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम पुलिस विभाग में नई ऊर्जा और तकनीकी दक्षता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। एस.सी. द्विवेदी का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब युवा और अनुभवी अधिकारियों के कंधे पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। देखना होगा कि आने वाले समय में FSL अपनी जांच की गति और सटीकता में कितना बदलाव लाता है।






