
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों (Government Servants) के लिए इस वक्त एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के लाखों Chhattisgarh Government Employees के हितों की रक्षा करने वाले सबसे बड़े संगठन ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन’ ने राज्य सरकार से एक बड़ी मांग की है। फेडरेशन ने सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department – GAD) के सचिव को पत्र सौंपकर क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के विकल्प चयन (Option Selection) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।
वर्तमान नियमों के तहत इस विकल्प का चयन करने की आखिरी तारीख बेहद नजदीक है, जिससे प्रदेशभर के कर्मचारियों में भारी असमंजस (Confusion) की स्थिति बनी हुई है। इसी समस्या को देखते हुए फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने सीधे मंत्रालय (Mahanadi Bhawan) से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ी चिंता? (The Core Issue)
दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के कर्मचारियों के लिए पूर्व में प्रचलित क्रमोन्नति योजनाओं को वित्त विभाग के समयमान वेतनमान (Time-scale Pay Scale) में समाहित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए सरकार ने ‘RULE/81/2026_GAD-3’ दिनांक 09 जून 2026 के माध्यम से कर्मचारियों को उचित विकल्प चयन करने हेतु 09 जुलाई 2026 तक का समय दिया था।
अब चूंकि यह डेडलाइन (Deadline) बेहद करीब आ चुकी है, लेकिन विभागों में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर विसंगतियां दूर नहीं हो पाई हैं। राज्य के 134 मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि इतने कम समय में सही निर्णय लेना कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पा रहा है।
कैडर और ग्रेड पे की भिन्नता बनी बड़ी रुकावट (Technical Discrepancies)
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा के अनुसार, छत्तीसगढ़ के विभिन्न सरकारी विभागों (Government Departments) में कैडरों की संरचना, पदक्रम (Hierarchy), और ग्रेड पे (Grade Pay) में बहुत ज्यादा भिन्नता (Variation) है। इस कारण से कर्मचारियों के सामने ‘विकल्प चयन’ को लेकर एक जटिल स्थिति खड़ी हो गई है।
- क्रमोन्नति व्यवस्था: कई संवर्गों में क्रमोन्नति वेतनमान कर्मचारियों को 12 वर्ष एवं 24 वर्ष की सेवा अवधि (Service Period) पूरी होने पर प्रदान किया जाता है।
- समयमान व्यवस्था: इसके विपरीत, वित्त विभाग के नियमों के तहत समयमान वेतनमान का लाभ 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा अवधि के आधार पर तय किया जाता है।
इन दोनों अलग-अलग व्यवस्थाओं और सेवा गणना के गणित के कारण प्रदेश के अधिकांश Chhattisgarh Government Employees और अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनके भविष्य और आर्थिक लाभ के दृष्टिकोण से कौन सा विकल्प सबसे बेहतर रहेगा।
वरिष्ठ अधिकारी भी मार्गदर्शन देने में असमर्थ (Lack of Guidelines)
फेडरेशन के पत्र में इस बात का भी साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि केवल जमीनी स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी (Senior Officers) भी इस विषय पर स्पष्ट और एकरूप मार्गदर्शन (Uniform Guidelines) उपलब्ध कराने में भारी कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
जब विभाग के मुखिया और प्रशासनिक अधिकारी ही नियमों की उलझन को स्पष्ट रूप से समझाने की स्थिति में नहीं हैं, तो ऐसी परिस्थिति में आम कर्मचारियों से यह उम्मीद करना कि वे बिना सोचे-समझे किसी विकल्प पर अपनी सहमति दे दें, उनके साथ अन्याय होगा। इसी वजह से प्रदेशभर के अधिकारी-कर्मचारी संगठनों द्वारा इस अंतिम तिथि को 31 जुलाई 2026 तक बढ़ाने की लगातार मांग (Demand) की जा रही है।
फेडरेशन की मुख्य मांगें: एक नज़र में (Key Demands)
कर्मचारियों की इस विकट समस्या को सुलझाने के लिए फेडरेशन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के समक्ष स्पष्ट मांगें रखी गई हैं, जो इस प्रकार हैं:
- डेडलाइन बढ़ाना (Deadline Extension): विकल्प चयन की वर्तमान अंतिम तिथि जो कि 09 जुलाई 2026 निर्धारित है, उसे बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 किया जाए।
- उचित निर्णय का अवसर (Opportunity for Right Decision): सभी कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी प्राप्त कर और सोच-समझकर अपने हित में सही विकल्प चुनने के लिए अतिरिक्त समय (Additional Time) दिया जाए।
- नियमों का सरलीकरण (Simplification of Rules): विभिन्न विभागों में कैडर और ग्रेड पे की भिन्नता को देखते हुए वित्त विभाग द्वारा एक सरल और स्पष्ट मार्गदर्शिका जारी की जाए।
- प्रशासनिक आदेश (Administrative Order): सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) बिना किसी देरी के इस समय-वृद्धि के संबंध में जल्द से जल्द आवश्यक दिशा-निर्देश और आदेश जारी करे।
अधिकृत दस्तावेज का हवाला
chaturpost.com हमेशा अपने पाठकों तक पूरी प्रामाणिकता (Authenticity) और जिम्मेदारी के साथ खबरें पहुंचाता है। इस खबर की पुष्टि कार्यालय छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन (प्लॉट नं. ओ/6, दुबे कालोनी, मोवा, रायपुर) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र से होती है।
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इस पत्र पर फेडरेशन के संरक्षक सुभाष मिश्र और प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के अधिकृत हस्ताक्षर हैं। पत्र को मंत्रालय में आवक लिपिक द्वारा दिनांक 06/07/2026 को सामान्य प्रशासन विभाग (सा.प्र.वि.-3) महानदी भवन, नवा रायपुर में दर्ज भी कर लिया गया है, जो इस खबर की सत्यता को 100% प्रमाणित करता है।
आगे क्या होगा? (What’s Next)
अब गेंद पूरी तरह से छत्तीसगढ़ शासन और सामान्य प्रशासन विभाग के पाले में है। यदि सरकार समय रहते तिथि में वृद्धि नहीं करती है, तो कर्मचारियों को आनन-फानन में विकल्प चुनना पड़ेगा, जिससे भविष्य में उनके प्रमोशन (Promotion), पेंशन (Pension) और एरियर (Arrears) की गणना में भारी वित्तीय नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के इस तार्किक और विनम्र अनुरोध पर मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर शासन की ओर से तिथि बढ़ाने का कोई सकारात्मक नोटिफिकेशन (Notification) जारी किया जा सकता है।







