
रायपुर (बिरगांव)। राजधानी रायपुर के बिरगांव नगर निगम में कल यानी सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। महापौर Nandlal Dewangan ने अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने से पहले एक नई लोकतांत्रिक परंपरा की शुरुआत की है। उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर पक्ष और विपक्ष (Congress & BJP) के सभी पार्षदों से क्षेत्र के विकास के लिए लिखित प्रस्ताव और सुझाव मांगे हैं।
रविवार को अपने Private Residence पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए मेयर ने स्पष्ट किया कि संसाधनों की कमी के बावजूद उनकी MIC (Mayor-in-Council) ने पूरे निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी है।
निगम की बड़ी उपलब्धि: ‘किराया टैंकर’ से मिली मुक्ति
मेयर देवांगन ने बजट पूर्व चर्चा में अपनी सबसे बड़ी सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से बिरगांव नगर निगम पूरी तरह Tanker Free हो चुका है।
- Cost Saving: पाइपलाइन विस्तार के कारण अब निजी टैंकरों के किराए पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपए की बचत हो रही है।
- Water Supply: ज्यादातर वार्डों में अब सीधे नलों के जरिए पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
संसाधनों और फंड का संकट: MIC सदस्य का दावा
चर्चा के दौरान एमआईसी सदस्य इकराम अहमद ने फंड की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों से Mayor Fund (महापौर निधि) जारी नहीं की गई है। साथ ही, Corporator Fund (पार्षद निधि) को भी आधा कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर के Development Projects को पूरा करने में चुनौतियां आ रही हैं।
बिरगांव निगम के सामने प्रमुख चुनौतियां:
- Land Scarcity: औद्योगिक क्षेत्र बड़ा होने के कारण सरकारी जमीन की अत्यधिक कमी है, जिससे जनसुविधाओं का विस्तार प्रभावित होता है।
- Office Space: वर्तमान निगम कार्यालय काफी छोटा है, जहाँ एमआईसी सदस्यों के बैठने तक की पर्याप्त जगह नहीं है।
- Official Residence: अब तक बिरगांव में महापौर के लिए कोई आधिकारिक निवास तय नहीं है, जिससे मेयर को निजी आवास से ही प्रशासनिक कार्य करने पड़ रहे हैं।
कल पेश होने वाले इस बजट पर पूरे बिरगांव की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह वर्तमान परिषद का अंतिम बजट होगा। इसमें औद्योगिक क्षेत्र के लिए नई घोषणाएं होने की संभावना है।







