
रायपुर । छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code (UCC) को लागू करने की दिशा में सरकार ने निर्णायक कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को रायपुर के स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक पारित कराने का प्रयास करेगी। इसी दिन UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक भी हुई, जिससे इस प्रक्रिया ने औपचारिक रूप से रफ्तार पकड़ ली है।
यदि यह विधेयक विधानसभा से पारित हो जाता है, तो छत्तीसगढ़ UCC लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में भी इस मुद्दे पर नई चर्चा शुरू हो गई है।
UCC पर CM का बड़ा बयान, शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की तैयारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही डॉ. रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति का गठन कर चुकी है। समिति की पहली बैठक आज आयोजित हुई है और अब पूरे प्रदेश से सुझाव लेकर मसौदा तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि Winter Session में UCC विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत कर उसे पारित कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ में UCC लागू होगा। समिति अपना काम शुरू कर चुकी है और आने वाले शीतकालीन सत्र में इसे पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।”
समिति की पहली बैठक से शुरू हुई Draft तैयार करने की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति ने शुक्रवार को अपनी पहली बैठक की।
अब समिति प्रदेशभर में विभिन्न सामाजिक वर्गों, विशेषज्ञों, संगठनों और हितधारकों से सुझाव प्राप्त करेगी। Thereafter, इन सुझावों के आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी, जिसे सरकार को सौंपा जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर UCC का अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा।
समिति किन विषयों पर करेगी अध्ययन?
समिति केवल कानूनी पहलुओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों का भी अध्ययन करेगी।
समिति इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगी- ✅ विभिन्न समुदायों से सुझाव लेना
- ✅ सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं का अध्ययन
- ✅ नागरिक कानूनों की समीक्षा
- ✅ सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपना
- ✅ UCC Draft तैयार करने की अनुशंसा
कौन-कौन हैं UCC समिति के सदस्य?
राज्य सरकार ने UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है।
समिति की संरचना न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई – अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह (सेवानिवृत्त IAS) – सदस्य एम.के. राउत – सदस्य मोहन पवार (वरिष्ठ अधिवक्ता) – सदस्य ज्योति रानी सिंह (सेवानिवृत्त प्राचार्य) – सदस्यअब तक UCC पर क्या-क्या हुआ?
Timeline- 15 अप्रैल 2026 – राज्य कैबिनेट ने UCC लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
- 26 जून 2026 – समिति गठन का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हुआ।
- 24 जुलाई 2026 – समिति की पहली बैठक, Draft तैयार करने की प्रक्रिया शुरू।
क्या है Uniform Civil Code (UCC)?
Uniform Civil Code यानी समान नागरिक संहिता ऐसा कानून है, जिसके तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान नियम लागू करने का प्रावधान होता है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में राज्य को समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे नागरिक कानूनों में एकरूपता आएगी, न्यायिक प्रक्रिया सरल होगी तथा महिलाओं और पुरुषों के बीच समान अधिकारों को मजबूती मिलेगी।
देश के किन राज्यों में UCC लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है?
छत्तीसगढ़ से पहले कई राज्यों ने इस दिशा में कदम उठाए हैं।
राज्यों की स्थिति- उत्तराखंड – UCC लागू करने वाला पहला राज्य। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन संबंधों से जुड़े प्रावधान लागू हैं। अनुसूचित जनजातियों को दायरे से बाहर रखा गया है।
- मध्यप्रदेश – सरकार ने विधेयक को मंजूरी देकर आगे की प्रक्रिया शुरू की है।
- असम – विधानसभा से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर लागू करने की दिशा में कार्य जारी है।
- अब छत्तीसगढ़ – Draft तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी बोले मुख्यमंत्री
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को आंदोलन और हड़ताल का अधिकार है, लेकिन आंदोलन हमेशा शांतिपूर्ण और मर्यादित होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस बौखला गई है और उसका व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
पेपर लीक कानून पर प्रधानमंत्री की सराहना
पेपर लीक से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उनके अनुसार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सख्त कानून आवश्यक हैं।
कर्नाटक दौरे पर क्या बोले CM?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को कर्नाटक के बेंगलुरु के समीप मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम में आयोजित मधुसूदन साई के 47वें जन्मोत्सव समारोह में शामिल होने रवाना हुए।
उन्होंने बताया कि रायपुर में सत्य साई ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल में 15 वर्ष तक के बच्चों के हृदय रोग का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के हजारों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
क्या होगा आगे?
Meanwhile, अब सबसे महत्वपूर्ण चरण समिति द्वारा सुझाव जुटाने का होगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद सरकार UCC का अंतिम मसौदा तैयार करेगी। इसके बाद विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। यदि सदन से मंजूरी मिलती है तो छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां समान नागरिक संहिता लागू है।







