
न्यूज डेस्क। बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। रविवार को पटना में आयोजित भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया है।
विजय सिन्हा ने रखा प्रस्ताव विधायक दल की बैठक के दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी विधायकों ने एक स्वर में समर्थन किया। इस निर्णय के साथ ही बिहार में नेतृत्व परिवर्तन और भाजपा की नई रणनीति पर मुहर लग गई है।
सत्ता के समीकरण में बड़ा बदलाव सम्राट चौधरी को कमान सौंपकर भाजपा ने राज्य में अपने कोर वोट बैंक और सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने का संकेत दिया है। बैठक के बाद समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और पटना स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर जश्न का माहौल है। जल्द ही शपथ ग्रहण समारोह की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
सम्राट चौधरी: एक संक्षिप्त जीवनी (Biography)
सम्राट चौधरी बिहार भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाते हैं। उनका राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है:
- जन्म एवं पृष्ठभूमि: सम्राट चौधरी का जन्म बिहार के मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में हुआ। वे बिहार के दिग्गज नेता रहे शकुनी चौधरी के पुत्र हैं।
- राजनीतिक शुरुआत: उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बहुत कम उम्र में की थी। वे राजद (RJD) और जदयू (JDU) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
- मंत्रिमंडल का अनुभव: वे बिहार सरकार में विभिन्न विभागों (जैसे- नगर विकास, पंचायती राज और स्वास्थ्य) के मंत्री रह चुके हैं।
- भाजपा में कद: मार्च 2023 में उन्हें बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद वे राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
- पहचान: उन्हें बिहार में भाजपा के आक्रामक चेहरे और कुशल संगठनकर्ता के रूप में जाना जाता है। कुशवाहा समाज से आने के कारण वे राज्य की ‘लव-कुश’ राजनीति के एक महत्वपूर्ण धुरी माने जाते हैं।







