
Electricity Regulatory Commission रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अपने नियमों में एक बड़ बदलाव किया है। आयोग के कार्य संचालन नियम में किए गए बदलाव के संबंध में आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
लागू हो गया है बदलाव
आयोग की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार कार्य संचालन नियम में किया गया बदलाव अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू हो गया है। अधिसूचना में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह संशोधन अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू मना जाएगा।
जानिए- आयोग के कार्य संचालन नियम में क्या हुआ है बदलाव
आयोग के नियम में यह बदलाव कोरम को लेकर किया गया है। बताया जा रहा है कि इस बदलाव से आयोग के कार्य संचालन में आसानी होगी। आयोग में सदस्य कम होने पर भी कार्यवाही पर असर नहीं पड़ेगा।

आयोग का कोरम
अधिसूचना के अनुसार आयोग की बैठक के लिए कोरम दो सदस्यों की होगी। इसमें कहा गया है कि पद रिक्त होने या किसी कारणवश आयोग में केवल एक ही सदस्य उपलब्ध हों तो आयोग की कार्यवाही के लिए कोरम एक होगी।
एक सदस्य भी कर सकेंगे सुनवाई
अफसरों के अनुसार कार्य संचालन नियम में किए गए इस बदलाव के बाद अब आयोग में एक सदस्य होने की स्थिति में भी काम नहीं रुकेगा। याचिकाओं की सुनवाई नियमित हो सकेगी।
अध्यक्ष के साथ दो सदस्य
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सेटअप में अध्यक्ष के साथ दो सदस्यों की नियुक्ति का नियम है। अभी आयोग में अध्यक्ष का पद रिक्त है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इस वजह से किया गया बदलाव
उल्लेखनीय है कि आयोग में सदस्यों का दो पद लंबे समय तक खाली रहा। एक पद जुलाई 2021 और दूसरा सितंबर 2023 में खाली हो गया था। चुनाव सहित अन्य कारणों से समय पर नियुक्ति नहीं हो पाई। इस दौरान केवल अध्यक्ष का पद भरा हुआ था।

ऐसे में कोरम के आभाव में टैरिफ याचिका पर भी समय पर सुनवाई नहीं हो पाई। इस संशोधन के बाद अब ऐसी स्थिति नहीं होगी। अध्यक्ष या सदस्य का एक भी पद भरा होने की स्थिति में याचिकाओं पर सुनवाई हो सकेगी।




