कर्मचारी हलचल

क्‍या है पेंशन का नियम

नए पद के वेतन के हिसाब से होनी चाहिए पेंशन की गणना

CSPC रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनियों में कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले में खानापूर्ति की जा रही है। अब कंपनी प्रबंधन पर पेंशन में डंडी मारने का आरोप लगा रहा है। इससे सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसकी वजह से नाराजगी बढ़ रही है।

प्रमोशन के नाम पर खानापूर्ति

बिजली कंपनी में कर्मचारियों के प्रमोशन के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। पूरे सर्विस के दौरान प्रमोशन का इंतजार करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन एक साथ दो-दो प्रमोशन ने दिया जा रहा है, जबकि कंपनी प्रबंधन ने खुद ही नियम बनाया है कि सेवानिवृत्ति के कम से कम तीन महीने पहले प्रमोशन दिया जाएगा।

पेंशन निर्धारण में त्रुटि

प्रमोशन के बाद अब कर्मचारियों के पेंशन निर्धारण में त्रुटि का मामला सामने आने लगा है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार सेवानिवृत्ति के दिन प्रमोट किए गए कर्मचारियों को पूरा पेंशन नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से कर्मचारियों में नाराजगी है। आरोप है कि प्रमोशन के बावजूद पेंशन में महज 60 से 75 रुपए का ही लाभ मिल पा रहा है।

CSPC  क्‍या है पेंशन का नियम

बिजली कंपनी के पेंशन नियमों के अनुसार पेंशन का निर्धारण अंतिम माह के मूल वेतन जिसमें वेतन बैंड में वेतन के साथ ग्रेड वेतन के आधार पर किया जाता है। अंतिम माह के मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन देने का नियम है, लेकिन सेवानिवृत्ति के दिन प्रमोट किए गए कर्मचारियों के मामले में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।

नए पद के वेतन के हिसाब से होनी चाहिए पेंशन की गणना

कर्मचारी संगठनों के अनुसार कर्मचारी जिस पद से सेवानिवृ‍त्‍त हो रहे हैं, पेंशन की गणना उस पद के वेतन के हिसाब से होना चाहिए। किसी कर्मचारी को समय पर प्रमोशन नहीं मिला तो इसमें उसकी क्‍या गलती है।   

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