
कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य बिजली वितरण कंपनी (CSPDCL) के तुलसी नगर सब स्टेशन से धोखाधड़ी (Fraud) का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक संविदा कर्मचारी ने बड़ी चतुराई से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया।
चेक और लेटर में हेरफेर कर किया गबन
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी संविदा कर्मी हरीश कुमार साहू ने कार्यपालन अभियंता (EE) के विश्वास का गलत फायदा उठाया। वह साहब से चेक और कवरिंग लेटर पर हस्ताक्षर (Signature) तो करवा लेता था, लेकिन बाद में उनमें फेरबदल कर देता था। आरोपी ने उन पत्रों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बजाय अपना बैंक खाता नंबर भर दिया, जिससे लाखों की राशि सीधे उसके अकाउंट में जमा हो गई।
ऐसे खुला राज (Investigation)
यह मामला तब प्रकाश में आया जब कुछ रिटायर कर्मचारियों के खाते में तय राशि से कम पैसे पहुंचे। संदेह होने पर जब कर्मचारियों ने कार्यालय में शिकायत (Complaint) की, तो विभाग ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि राशि किसी और के नहीं, बल्कि विभाग के ही संविदा कर्मी हरीश के खाते में ट्रांसफर (Transfer) हुई है।
खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- गबन की राशि: अब तक की जांच में 20 लाख 58 हजार रुपये के गबन की पुष्टि हुई है।
- प्रभावित कर्मचारी: कुल 6 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अन्य मदों की राशि चोरी की गई।
- समय सीमा: आरोपी ने वर्ष 2025-26 के दौरान इन वारदातों को अंजाम दिया।
- पुलिस कार्रवाई: कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी हरीश कुमार साहू के खिलाफ मामला दर्ज (FIR) कर लिया है।
विभाग में मचा हड़कंप
बिजली विभाग के संचालन एवं संधारण संभाग ग्रामीण (O&M) कार्यालय में इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच (Preliminary Investigation) के बाद पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस घोटाले में और भी लोग शामिल हैं या आरोपी ने अकेले ही इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।
विशेष नोट: सरकारी कार्यालयों में वित्तीय लेन-देन के दौरान पारदर्शिता (Transparency) की कमी अक्सर ऐसे भ्रष्टाचार (Corruption) को जन्म देती है। रिटायर कर्मचारियों ने अपनी पूरी उम्र की कमाई खोने के डर से अब न्याय की गुहार लगाई है।
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