
Raipur News: छत्तीसगढ़ के सरकारी कामकाज में अब और भी ज्यादा पारदर्शिता और कुशलता (Efficiency) आने वाली है। मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य के सभी विभागों को मिशन कर्मयोगी (Mission Karmayogi) के अंतर्गत iGOT ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड होने के सख्त निर्देश दिए हैं। अब चपरासी से लेकर बड़े अधिकारी तक सभी को अपने मोबाइल के जरिए इस डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से जुड़ना होगा।
आई-गॉट साधना सप्ताह के तहत कार्यशाला (Workshop)
रायपुर में आयोजित ‘आई-गॉट साधना सप्ताह’ के दौरान एक विशेष कार्यशाला (Workshop) आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य (Primary Objective) सरकारी कर्मचारियों के कौशल और क्षमता का विकास (Skill Development) करना है। इस कार्यक्रम में राज्य के आला अधिकारियों के साथ-साथ सभी जिलों के कलेक्टर्स और प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है iGOT?
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि आज के बदलते समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग बढ़ रहा है। आई-गॉट प्लेटफॉर्म एआई की मदद से कर्मचारियों को स्मार्ट और प्रभावी प्रशिक्षण (Effective Training) प्रदान करेगा। इसके अलावा (Moreover):
- मोबाइल से लर्निंग: सभी कर्मचारी अपने मोबाइल फोन से कभी भी ट्रेनिंग ले सकेंगे।
- विभाग अनुसार कोर्स: हर विभाग अपनी जरूरत के हिसाब से अधिकारियों के लिए विशेष कोर्स (Customized Courses) तय कर सकता है।
- डिजिटल क्षमता: यह प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को डिजिटल रूप से साक्षर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा।
- ई-एचआरएमएस (e-HRMS): इसके जरिए कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड और स्किल डेटा मैनेज करना आसान होगा।
100% ऑनबोर्डिंग का लक्ष्य (Full Compliance)
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि यह प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जागरूकता बढ़ाने (Awareness) का भी एक सशक्त माध्यम है। मुख्य सचिव ने शत् प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने को कहा है ताकि शासन की योजनाओं और कार्यप्रणाली से हर कर्मचारी भली-भांति परिचित (Well-informed) हो सके। अंततः (Finally), इस कदम से जनता को मिलने वाली सरकारी सेवाओं में सुधार होगा।







