
Police Commissioner रायपुर। राजधानी रायपुर अब पुलिस कमिश्नरी बनेगा। कमिश्नरी सिस्टम में एडीजी या आईजी रेंक के अफसर की पुलिस कमिश्नर के रुप में पदस्थापना होगी।
इसके साथ ही पुलिस अफसरों के पदनाम भी बदल जाएंगे। कमिश्नर की पदस्थापना के साथ ही संभाग आयुक्त और कलेक्टर के हाथ से कानून-व्यवस्था से जुड़ी शक्तियों वापस ले ली जाएगी। पुलिस कमिश्नरी सिस्टम देश के कुछ महानगरों में लागू है।
पुलिस कमिश्नर की शक्तियां
पुलिस कमिश्नर व्यवस्था लागू होने से कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई शक्तियां पुलिस के पास आ जाएगी। प्रतिबंधात्मक धाराओं में होने वाल कार्यावाही में आरोपियों की पेशी कमिश्नर की कोर्ट में होगी। धारा 144 और कर्फ्यू लगाने का फैसला भी कमिश्नर लेंगे। जिलाबदर, आर्म्स एक्ट में कार्यवाही से लेकर बड़े सर्वाजनिक आयोजन का फैसला भी कमिश्नर के जरिये होगा। इससे पुलिस को फैसले लेने में आसानी होगी। अभी ये सभी काम जिलों में कलेक्टर करते हैं।
Police Commissioner छीन जाएंगे कलेक्टर के अधिकार
पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति से कलेक्टर के अधिकार सीमित हो जाएंगे। कलेक्टर केवल राजस्व से जुड़े मामले ही देखेंगे। कानून- व्यवस्था से जुड़ी सभी शक्तियां कमिश्नर के पास चली जाएगी।
अफसरों का बदल जाएगा पदनाम
कमिश्नरी सिस्टम में पुलिस अफसरों के पद नाम बदल जाएंगे। डीआईजी या एसएसपी रैंक के अफसर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कह लाएंगे। एडिशनल एसपी सहायक आयुक्त हो जाएंगे।
Police Commissioner देश के इन जिलों में लागू है कमिश्नरी सिस्टम
उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, आगरा, नोएडा (गौतम बुद्ध नगर)
तेलंगाना: हैदराबाद, साइबराबाद, वारंगल, रामगुंडम, खम्मम, करीमनगर, निजामाबाद
मध्य प्रदेश: इंदौर
पश्चिम बंगाल: कोलकाता
तमिलनाडु: चेन्नई, मदुरै, कोयंबत्तूर,
दिल्ली: दिल्ली पुलिस कमिश्नरेट




