
रायपुर। प्रदेश में स्मार्ट मीटर, ऑटो पंचिंग और प्रीपेड रिचार्ज प्रणाली लागू होने के बाद हजारों बिजली मीटर रीडरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं और रोजगार सुरक्षा की मांग को लेकर ‘विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ छत्तीसगढ़’ के नेतृत्व में प्रदेशभर के मीटर रीडर 27 जुलाई को राजधानी रायपुर स्थित पावर कंपनी मुख्यालय, डंगनिया में एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
स्मार्ट मीटर से हजारों परिवारों का भविष्य अधर में
संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि राज्य में तेजी से लागू की जा रही स्मार्ट मीटर और प्रीपेड (रिचार्ज) व्यवस्था के कारण वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे मीटर रीडरों के सामने बेरोजगारी का खतरा मंडराने लगा है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इस प्रणाली को लागू किए जाने से कर्मचारी भारी अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
मानदेय में देरी और असमान दर से आक्रोश
रोजगार की अनिश्चितता के साथ-साथ कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के कई जिलों में बीते कई महीनों से मीटर रीडरों का मानदेय अटका हुआ है। इसके अलावा, अलग-अलग जिलों में भुगतान की दरें अलग-अलग तय की गई हैं, जिससे कर्मचारियों के बीच गहरा असंतोष व्याप्त है।
मीटर रीडर संघ की मुख्य मांगें:
- रोजगार सुरक्षा: स्मार्ट मीटर और प्रीपेड व्यवस्था से प्रभावित होने वाले सभी मीटर रीडरों के रोजगार की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- वैकल्पिक रोजगार: जब तक सभी प्रभावित कर्मचारियों को वैकल्पिक रोजगार नहीं दिया जाता, तब तक प्रीपेड रिचार्ज व्यवस्था को लागू न किया जाए।
- एक समान नीति: पूरे राज्य में सभी मीटर रीडरों के लिए ‘एक समान कार्य एवं एक समान भुगतान नीति’ लागू की जाए।
- लंबित मानदेय का भुगतान: विभिन्न जिलों में अटका हुआ बकाया मानदेय जल्द से जल्द जारी किया जाए।
पूर्व में भी हुए आंदोलन, जनवरी में प्रबंधन के साथ हुई थी 10 बिंदुओं पर चर्चा
उल्लेखनीय है कि इन मांगों को लेकर मीटर रीडर संघ की तरफ से पहले भी चरणबद्ध आंदोलन किया जा चुका है। संघ द्वारा नवंबर और दिसंबर 2025 में किए गए सिलसिलेवार प्रदर्शनों के बाद 23 जनवरी 2026 को पावर कंपनी प्रबंधन (CSPDCL) और मीटर रीडर संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों (अध्यक्ष देव लाल पाटले, उपाध्यक्ष सतीश सोनबेर, सचिव नरेंद्र कुमार पाटले व अन्य) के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई थी।
उस बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े 10 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई थी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- मानदेय भुगतान का सरलीकरण: जटिल प्रक्रिया को आसान बनाकर रुके हुए भुगतान को 10 दिन और नए देयकों को 6 दिनों के भीतर क्लियर करना।
- परिचय पत्र: सभी मीटर रीडरों को त्वरित आईडी कार्ड जारी करना।
- स्मार्ट मीटर और बिलिंग ऐप की समस्याएं: स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनियों और EITC के माध्यम से ऐप खराबी का समाधान।
- सामूहिक बीमा व सुरक्षा: फील्ड में मारपीट की घटनाओं पर कड़ा एक्शन और सुरक्षा हेतु सामूहिक बीमा के निर्देश।
- डाटा फीडिंग व ट्रेनिंग: डाटा देने के 15 दिनों का समय तय करना और सोलर व स्मार्ट मीटर का तकनीकी प्रशिक्षण देना।
हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि समझौतों और आश्वासनों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थितियां नहीं सुधरीं, जिसके कारण संघ को एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। 23 जनवरी को इन 10 बिंदुओं पर हुई थी चर्चा







