
8th Pay Commission न्यूज डेस्क। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सदन में शासकीय सेवकों और पेंशनरों के महंगाई भत्ता और महंगाई राहत पर सवाल पूछा गया। यह सवाल सांसद आनंद भदौरिया ने वित्त मंत्री पूछा, जिसका सदन में लिखित उत्तर आया है।
सांसद भदौरिया का प्रश्न था कि क्या सरकार ने हाल ही में 8वें सेंट्रल पे कमीशन (वेतन आयोग) के गठन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है; अगर हां, तो उसकी डिटेल्स क्या हैं?
उन्होंने पूछा कि क्या सरकार का प्रस्ताव केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों/पेंशनभोगियों के लिए तत्काल राहत उपाय के रूप में मौजूदा डीए/डीआर को मूल वेतन में विलय करने का है, जो पिछले 30 वर्षों के दौरान अभूतपूर्व मुद्रास्फीति का सामना कर रहे हैं, क्योंकि इन कर्मचारियों को दिया जाने वाला डीए/डीआर वास्तविक समय की खुदरा मुद्रास्फीति के अनुरूप नहीं है।
इस प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया है कि हाँ सर, सरकार ने आठवें सेंट्रल पे कमीशन के गठन के लिए 03 नवंबर 2025 का रेज़ोल्यूशन नोटिफ़ाई कर दिया है।
उन्होंने बताया कि अभी मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मिलाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। रहने-सहने के खर्च को एडजस्ट करने और महंगाई की वजह से बेसिक पे/पेंशन की असली कीमत में कमी से बचाने के लिए, DA/DR की दरें हर 6 महीने में समय-समय पर लेबर ब्यूरो, श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर बदली जाती हैं।
तीन सदस्यीय कमेटी गठित
सरकार ने आठवें जस्टिस रंजन प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है। इस कमेटी में प्रोफेसर पुलक घोष व पंकज जैन को सदस्य के रुप में शामिल किया गया है। आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है।




