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CSPTCL IPO: छत्तीसगढ़ से पहले शेयर बाजार उतर चुकी हैं इन राज्‍यों की बिजली कंपनियां, जाने क्‍या हैं वहां की ताजा स्थिति

रायपुर न्‍यूज डेस्‍क। छत्तीसगढ़ सरकार के अपनी पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) का इनीशियल पब्लिक आफरिंग (IPO) लाने के फैसले ने देश भर के बिजनेस और पॉलिटिकल कॉरिडोर्स में एक नई बहस छेड़ दी है। ऊर्जा विभाग (Energy Department) के इस साहसिक कदम के बाद हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत में ऐसा पहले भी कभी हुआ है? क्या देश के अन्य राज्यों ने भी अपनी सरकारी बिजली कंपनियों को शेयर बाजार (Share Market) में लिस्ट कराया है?

अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं, तो आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य नहीं है। इससे पहले भी कई राज्यों ने मार्केट मैकेनिज्म (Market Mechanism) को अपनाया है और केंद्र सरकार के सफल बिजनेस मॉडल (NTPC, Power Grid) की तर्ज पर राज्यों ने भी अपनी छिपी हुई संपत्तियों को बाजार में भुनाया है। आइए समझते हैं कि देश के अन्य राज्यों में सरकारी बिजली कंपनियों की लिस्टिंग का क्या इतिहास रहा है।

1. बिहार: ट्रांसमिशन कंपनी के IPO रेस में सबसे आगे

छत्तीसगढ़ की तरह ही बिहार सरकार भी इस दिशा में बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठा चुकी है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अंतर्गत आने वाली बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट होने की तैयारी में काफी आगे है।

  • भारी-भरकम निवेश का लक्ष्य: बिहार सरकार अपने ट्रांसमिशन ग्रिड के आधुनिकीकरण (Modernization) और नए सब-स्टेशनों के निर्माण के लिए करीब 16,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत योजना पर काम कर रही है।
  • अगला मास्टरप्लान: बिहार के ऊर्जा विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि ट्रांसमिशन कंपनी का आईपीओ सफल होने के बाद, वे राज्य की डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (DISCOMs) का रेवेन्यू घाटा कम करके उन्हें भी शेयर बाजार में लिस्ट कराने की योजना बना रहे हैं।

2. गुजरात: सरकारी बिजली कंपनियों का सबसे सफल ‘रोल मॉडल’

जब बात सरकारी उपक्रमों (PSUs) को कॉर्पोरेट लुक देने और उन्हें शेयर बाजार में लिस्ट कराकर मुनाफा कमाने की आती है, तो गुजरात देश का सबसे बड़ा रोल मॉडल माना जाता है। गुजरात सरकार की ऊर्जा कंपनियाँ सालों से बाजार में लिस्टेड हैं और निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दे रही हैं:

3. ओडिशा: निजीकरण और स्टॉक मार्केट का अनूठा गठबंधन

ओडिशा ने देश के अन्य राज्यों से थोड़ा अलग रास्ता चुना था। वहाँ की सरकार ने बिजली सप्लाई में होने वाले भारी घाटे को रोकने के लिए अपनी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (DISCOMs) का पूरी तरह से निजीकरण (Privatization) कर दिया।

ओडिशा सरकार ने अपनी बिजली वितरण कंपनियों की कमान शेयर बाजार में लिस्टेड देश की दिग्गज निजी बिजली कंपनी टाटा पावर (Tata Power) को सौंप दी। आज ओडिशा का पूरा बिजली वितरण ढांचा परोक्ष रूप से स्टॉक मार्केट के कड़े नियमों और रेगुलेशंस के तहत बेहद कुशलता से संचालित हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल रही है।

राज्यों को क्यों पसंद आ रहा है ‘स्टॉक एक्सचेंज’ का रास्ता?

बिजनेस और आर्थिक विशेषज्ञों (Financial Experts) के अनुसार, राज्यों के स्वामित्व वाली बिजली यूटिलिटीज (State-owned Utilities) में सुधार के लिए केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा लगातार दबाव और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। लिस्टिंग के ये प्रमुख फायदे राज्यों को आकर्षित कर रहे हैं:

  • बजटीय निर्भरता से मुक्ति: बिजली कंपनियों को अपने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए अब पूरी तरह से राज्य सरकार के बजट या कर्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे सीधे बाजार से इक्विटी फंड जुटा लेती हैं।
  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स का भरोसा: पावर ट्रांसमिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में जोखिम (Risk) न के बराबर होता है। इस वजह से बड़े विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशक (FIIs / DIIs) इनमें दीर्घकालिक निवेश करने के लिए तुरंत तैयार हो जाते हैं।

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❓ CSPTCL IPO: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जो बिजली कंपनी का IPO ला रहा है?

नहीं, छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला पहला राज्य नहीं है। इससे पहले बिहार सरकार ने भी अपनी ट्रांसमिशन कंपनी (BSPTCL) को शेयर बाजार में लिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि गुजरात की सरकारी ऊर्जा कंपनियां सालों से मार्केट में लिस्टेड हैं।

Q2. राज्यों को अपनी सरकारी बिजली कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करने से क्या फायदा होता है?

सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए राज्य सरकार के बजट या भारी कर्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे सीधे शेयर बाजार से कम लागत वाली पूंजी (Low-cost Capital) जुटा सकती हैं, जिससे वित्तीय प्रबंधन मजबूत और पारदर्शी होता है।

Q3. शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद क्या कंपनी पूरी तरह प्राइवेट (निजी) हो जाएगी?

बिल्कुल नहीं। जैसे केंद्र सरकार की NTPC या Power Grid शेयर बाजार में होने के बाद भी पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में हैं, वैसे ही CSPTCL पर भी छत्तीसगढ़ शासन का मालिकाना हक और नियंत्रण पूर्ववत् बना रहेगा। प्रमोटर्स की केवल 10% हिस्सेदारी का ही विनिवेश किया जा रहा है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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