
Strike रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन की 22 अगस्त को प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल से पहले सरकार ने प्रदेश के शासकीय सेवकों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने राज्य के शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ा दिया है। डीए में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ अब राज्य के शासकीय सेवकों का डीए केंद्रीय सेवकों के समान 55 प्रतिशत हो गया है।
22 अगस्त को आंदोलन में कोई बदलाव नहीं
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि 22 अगस्त क आंदोलन में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश के सभी शासकीय सेवक 22 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर रहेंगे।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर रहे हैं आंदोलन
फेडरेशन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। इसमें एक मांग केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का भी है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा का कहना है कि सरकार ने 11 में से केवल एक मांग पूरी की है। बाकी 10 मांगों पर अभी तक कोई विचार नहीं किया गया है और न ही उन मांगों पर वार्ता के लिए सरकार की तरफ से कोई प्रस्ताव आया है।
Strike आंदोलन को सफल बनाने फेडरेशन ने झोंक दी है ताकत
22 अगस्त के आंदोलन को सफल बनाने के लिए फेडरेशन ने पूरी ताकत लगा रखी है। फेडरेशन की तरफ से इस आंदोलन के लिए सभी जिलों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए थे। जो लगातार बैठकें लेकर आंदोलन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। संयोजक समेत अन्य पदाधिकारी भी दौरा करके इसका जायजा ले रहे थे।
मोदी की गारंटी लागू करने की मांग
फेडरेशन की तरफ से मोदी की गारंटी लागू करने की मांग की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपना घोषणा पत्र मोदी की गारंटी के नाम से जारी किया था। इसमें प्रदेश के शासकीय सेवकों से भी कई वादे किए गए हैं। फेडरेशन की तरफ से उन्हीं मांगों को पूरा करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।
Strike 16 को हुआ था प्रदेशभर में प्रदर्शन
22 अगस्त को हड़ताल से पहले फेडरेशन की तरफ से 16 जुलाई को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया गया था। ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था।




