
Assembly रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू हो रहा है। यह सत्र अटल नगर (नवा रायपुर) में नवनिर्मित विधानसभा भवन में होगा। इस भवन का उद्घाटन एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में सत्र के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चार दिन के इस सत्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ के विजन 2047 पर चर्चा होगी।
विजन 2027 पर होगी चर्चा
नए विधानसभा भवन में आयोजित इस प्रेसवार्ता में अध्यक्ष डॉ. रमन ने कहा कि यह पूरी तरह गैर राजनीतिक विषय है। इस विषय के प्रति सर्वसहभागिता और सर्वसहमति का पवित्र भाव समाहित है। उन्होंने कहा कि यह चर्चा राष्ट्र और राज्य के हित, सर्वांगिण विकास पर केंद्रीत होगा। इस विषय पर होने वाली चर्चा से प्राप्त निष्कर्ष छत्तीसगढ़ के समृद्ध, सुखद, सफल भविष्य का निर्धारण करेगा साथ ही राष्ट्रीय परिदृश्य में छत्तीसगढ़ की भावी भूमिका का निर्धारण करेगा।

इस वजह से रविवार को होगी बैठक
शीतकालीन सत्र की शुरुआत 14 दिसंबर रविवार से किए जाने की वजह बताते हुए अध्यक्ष डॉ. रमन ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक 14 दिसंबर 2000 को हुई थी। इसी वजह से नए भवन में भी इसी तारीख से सत्र की शुरुआत की जा रही है।
दूसरे दिन सरकार पेश करेगी अनुपूरक बजट
अध्यक्ष डॉ. रमन ने बताया कि सत्र के दूसरे दिन सरकार की तरफ से अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। यह चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक होगा। इस पर इस पर 16 दिसंबर को चर्चा होगी। सरकार की तरफ से छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक भी पेश किए जाने की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी गई है।
ध्यानाकर्षण की 48 सूचनाएं
शीतकालीन सत्र के लिए सदस्यों की तरफ से कुल 628 प्रश्रों की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी गई है। इसके साथ ही 48 ध्यानाकर्षण, अशासकीय संकल्प की नौ और शून्यकाल की चार सूचनाएं अब तक प्राप्त हुई है।

पेपरलेस वर्क की तरफ बढ़ रहा विधानसभा
विधानसभा का पूरा कामकाज पेपरलेस की दिशा में बढ़ रहा है। अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि लगभग 96 प्रतिशत से ज्यादा सवाल ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि चिप्स के जरिये विधानसभा को पेपरलेस बनाने की कवायद चल रही है।
विधानसभा के गलियारों में सजेगा पूरा छत्तीसगढ़
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि नए विधानसभा भवन के गलियरों को छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगा जाएगा। बस्तर से लेकर सरगुजा तक की छलक दिखेगी। इसके लिए संस्कृति विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके लिए नए लोकसभा भवन की सजावट का भी अध्ययन किया जा रहा है।
25 साल में 76 सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा के गठन के 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। अध्यक्ष डॉ. रमन ने बताया कि इन 25 वर्षों में 76 सत्रों में 773 बैठकें हुईं। इस दौरान 3456 घंटे और 19 मिनट सदन की कार्यवाही चली।




