
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हसदेव नदी (Hasdeo River) को प्रदूषित करने के मामले में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPS) कोरबा पश्चिम प्रबंधन पर 18 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना (Penalty) लगाया गया है। इस कार्रवाई से औद्योगिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।
अधीक्षण अभियंता पर गिरी गाज
इस पूरे प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) पीतांबर नेताम पर गाज गिरी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की सख्ती के बाद श्री नेताम का तत्काल प्रभाव से रायपुर तबादला (Transfer) कर दिया गया है। उनकी जगह अब सत्येंद्र साहू को कोरबा पश्चिम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्या था पूरा मामला?
झाबू स्थित राखड़ बांध (Ash Dam) भरने की वजह से राखड़युक्त पानी सीधे हसदेव नदी और नहरों में समाहित (Merged) किया जा रहा था। इससे न केवल जल प्रदूषण बढ़ा, बल्कि शहर की पेयजल आपूर्ति (Water Supply) भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रबंधन ने हालात संभालने के बजाय जानकारी छिपाने की कोशिश की, जिस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई थी।
मामले के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- भारी जुर्माना: जल संसाधन विभाग ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ 18 करोड़ रुपये का दंड लगाया है।
- जांच टीम गठित: कलेक्टर के निर्देश पर मामले की गहराई से जांच के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई है।
- ठेकेदार पर भी रडार: स्थानीय लोगों ने राखड़ विस्थापन (Ash Disposal) का काम करने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
- भ्रष्टाचार की आशंका: पिछले 3 वर्षों के कार्यों में भारी अनियमितता (Irregularity) और बड़े भ्रष्टाचार के संकेत मिले हैं।
ठेकेदार के खिलाफ भी शुरू होगी कार्रवाई?
सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ अधिकारियों का तबादला ही काफी नहीं है। अब मांग उठ रही है कि दोषी ठेकेदार पर आर्थिक दंड (Financial Penalty) लगाने के साथ उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। जांच टीम अब इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि किन लोगों की मिलीभगत से नदी के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ किया गया।
Korba HTPS News, Hasdeo river ash leak, Collector Kunal Dudawat, Ash dam leakage Korba, Chhattisgarh environment news







