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गुड न्यूज: भारत में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट, दुनिया को पछाड़ा; SBI की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन ने चौंकाया!

नई दिल्ली/रायपुर (Chaturpost News Desk): देश के युवाओं और अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत ही अच्‍छी खबर (Great News) सामने आई है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI Research) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के शहरी युवाओं के बीच बेरोजगारी की दर में पिछले कुछ वर्षों में निरंतर गिरावट (Steady Decline) दर्ज की गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि देश में युवाओं की बेरोजगारी दर अब वैश्विक औसत (Global Average) से काफी नीचे आ गई है।

यह रिपोर्ट पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2025 के आंकड़ों पर आधारित है, जो दर्शाती है कि भारत का श्रम बाजार एक बड़े संरचनात्मक बदलाव (Structural Transformation) के दौर से गुजर रहा है।

दुनिया से बेहतर है भारत की स्थिति (Comparison with Global Data)

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में 15 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के लिए भारत की युवा बेरोजगारी दर गिरकर 9.9 प्रतिशत पर आ गई है। यदि हम इसकी तुलना अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के वैश्विक अनुमानों से करें, तो दुनिया भर में यह औसत 12.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी भारत अपने युवाओं को रोजगार देने के मामले में दुनिया के कई विकसित देशों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

छत्तीसगढ़ सहित इन राज्यों का शानदार प्रदर्शन (Regional Impact)

रिपोर्ट में क्षेत्रीय असमानताओं (Regional Disparities) का भी जिक्र किया गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए अच्छी खबर यह है कि मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक के साथ छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) उन राज्यों में शामिल है जहां बेरोजगारी दर तुलनात्मक रूप से काफी कम दर्ज की गई है। इसका मतलब है कि राज्य के श्रम बाजार में काम सोखने की क्षमता (Labour Market Absorption) काफी मजबूत हुई है।

खेती से मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ता भारत (Structural Shift)

भारत के रोजगार क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव देखा जा रहा है। दशकों से भारत की वर्कफोर्स का सबसे बड़ा हिस्सा कृषि (Agriculture) पर निर्भर था, लेकिन अब यह तस्वीर बदल रही है:

  • कृषि की घटती हिस्सेदारी: 1987-88 में जहां 66% लोग खेती पर निर्भर थे, वहीं 2023-24 में यह घटकर 43% रह गई है।
  • गैर-कृषि क्षेत्र का उदय: अब युवा खेती के बजाय मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) और सर्विस सेक्टर में करियर बना रहे हैं।
  • बड़े उद्योगों में बढ़ते अवसर: 20 से अधिक कर्मचारियों वाले बड़े उद्यमों में रोजगार की हिस्सेदारी 2024 के 10.8% से बढ़कर अब 13.7% हो गई है।

सरकार की नीतियों का असर (Impact of Government Policies)

SBI रिसर्च के अनुसार, भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम और बुनियादी ढांचे के विकास (Infrastructure Growth) पर जोर देने से बड़े कारखानों में नौकरियां बढ़ी हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कपड़े, जूते और फर्नीचर जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों (Labour-Intensive Sectors) में अभी और निवेश की जरूरत है ताकि छोटे उद्यमों को बड़े उद्योगों में बदला जा सके।

श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) के आंकड़े

2025 के आंकड़ों के अनुसार, 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए श्रम बल भागीदारी दर (Labour Force Participation Rate) 59.3 प्रतिशत रही। इसमें पुरुषों की भागीदारी 79.1 प्रतिशत और महिलाओं की भागीदारी 40 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत (Positive Sign) है।

चतुरपोस्‍ट (Conclusion)

कुल मिलाकर, SBI की यह रिपोर्ट भारत के आर्थिक परिवर्तन (Economic Transition) की एक उज्ज्वल तस्वीर पेश करती है। वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत ने अपने रोजगार बाजार को न केवल स्थिर रखा है, बल्कि उसमें सुधार भी किया है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में कम बेरोजगारी दर राज्य सरकार की औद्योगिक और रोजगार नीतियों की सफलता को दर्शाती है।


डिस्क्लेमर: यह खबर SBI रिसर्च और PLFS 2025 के प्रारंभिक आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है। विस्तृत आंकड़ों के लिए सरकारी राजपत्र का अवलोकन करें।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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