Power Sector

भारत की बढ़ती ‘पावर’: 2032 तक 388 GW पहुंचेगी बिजली की मांग, सरकार ने तैयार किया 97,000 MW अतिरिक्त उत्पादन का मेगा प्लान

भारत का ऊर्जा रोडमैप 2032

न्‍यूज डेस्‍क। देश में बढ़ती गर्मी और औद्योगिक गतिविधियों के बीच बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। भारत सरकार ने लोक सभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि देश ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 250 GW की अब तक की उच्चतम मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है । सरकार ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत अगले कुछ वर्षों में बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन नेटवर्क का भारी विस्तार किया जाएगा।

भविष्य की चुनौती: 2031-32 तक 388 GW की मांग का अनुमान

विद्युत मंत्रालय के अनुसार, 20वें इलेक्ट्रिक पावर सर्वे (EPS) के मिड-टर्म रिव्यू में बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है:

  • 2029-30 तक: पीक डिमांड 345 GW और ऊर्जा की आवश्यकता 2388 BU होने की उम्मीद है ।
  • 2031-32 तक: अधिकतम मांग बढ़कर 388 GW और ऊर्जा की आवश्यकता 2703 BU तक पहुंच सकती है ।

तापीय ऊर्जा (Thermal) पर बड़ा दांव: 97,000 MW अतिरिक्त क्षमता

बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने कोयला और लिग्नाइट आधारित बिजली उत्पादन बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।

  • ·         वर्तमान में तापीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता लगभग 2.11 लाख मेगावाट (31.03.2023 तक) है ।
  • ·         वर्ष 2034-35 तक इस क्षमता को बढ़ाकर 3.07 लाख मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है ।
  • ·         इसके लिए मंत्रालय ने न्यूनतम 97,000 MW अतिरिक्त तापीय क्षमता स्थापित करने की योजना बनाई है ।
  • ·         वर्तमान में करीब 38,745 MW तापीय क्षमता निर्माणाधीन है और 22,920 MW के अनुबंध दिए जा चुके हैं ।

 

ग्रीन एनर्जी और स्टोरेज पर फोकस

सरकार केवल कोयले पर निर्भर नहीं है, बल्कि सौर, पवन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी युद्धस्तर पर काम चल रहा है:

  • नवीकरणीय ऊर्जा (RE): वर्तमान में 1.54 लाख मेगावाट से अधिक की रिन्यूएबल क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें सोलर, विंड और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं ।
  • परमाणु ऊर्जा: 6,600 MW क्षमता निर्माणाधीन है और 7,000 MW की अतिरिक्त योजना बनाई जा रही है ।
  • स्टोरेज सिस्टम: ग्रिड को स्थिरता देने के लिए 13,120 MW के पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSP) और करीब 10,658 MW के बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पर काम चल रहा है ।

ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार

बिजली उत्पादन के साथ-साथ उसे घर-घर पहुँचाने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रीय विद्युत योजना के तहत 2022-23 से 2031-32 के बीच लगभग 1,91,474 ckm ट्रांसमिशन लाइनें और 1,274 GVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है ।

पिछले 4 वर्षों का ‘पावर रिपोर्ट कार्ड’

संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों में मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगभग समाप्त हो गया है:

भारत की बिजली आपूर्ति स्थिति: एक नज़र में (2022-2026)
वित्तीय वर्षअधिकतम मांग (MW)मांग पूरी हुई (MW)कमी (%)
2022-232,15,8882,07,2314.0%
2023-242,43,2712,39,9311.4%
2024-252,49,8562,49,8540.0%
2025-26 (Feb तक)2,45,4442,45,4160.0%
स्रोत: लोक सभा अतारांकित प्रश्न संख्या 6435 (02.04.2026)

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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