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JSW Energy Acquisition ने छत्तीसगढ़ में मचाई हलचल, 1410 करोड़ में खरीदा कोरबा का यह बड़ा पावर प्लांट!

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) से इस वक्त की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट खबर सामने आ रही है। देश की दिग्गज बिजली उत्पादक कंपनी जेएसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड (JSW Energy Limited) ने पावर मार्केट में अपना दबदबा बढ़ाते हुए एक बड़ा सौदा (Definitive Agreement) किया है। कंपनी ने छत्तीसगढ़ के ऊर्जा गढ़ कोरबा में स्थित मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड (Maruti Clean Coal and Power Limited – MCCPL) के 100% इक्विटी शेयरों के अधिग्रहण के लिए अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

यह रणनीतिक कदम (Strategic Move) भारतीय ऊर्जा बाजार में जेएसडब्ल्यू की स्थिति को और अधिक मजबूत करने वाला साबित होगा। इस सौदे के बाद अब कोरबा का 300 मेगावाट (MW) क्षमता वाला थर्मल पावर प्लांट पूरी तरह से जेएसडब्ल्यू एनर्जी के नियंत्रण में आ जाएगा।

कोलाहाई इन्फोटेक और एसएफआई पार्सल से हुआ समझौता

जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने यह बड़ी डील कोलाहाई इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (Kolahai Infotech Private Limited) और एसएफआई पार्सल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (SFI Parcel Services Private Limited) के साथ मिलकर पूरी की है। इन दोनों कंपनियों के पास ही मारुति क्लीन कोल (MCCPL) का मालिकाना हक था।

यह पूरा ट्रांजैक्शन (Transaction) आवश्यक विनियामक अनुमोदनों (Regulatory Approvals) और प्रथागत समापन शर्तों के अधीन है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, MCCPL पूरी तरह से जेएसडब्ल्यू एनर्जी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly Owned Subsidiary) बन जाएगी।

1410 करोड़ रुपये की बड़ी डील और वित्तीय आंकड़े

बिजनेस और मार्केट के जानकारों के अनुसार, इस पूरे अधिग्रहण (Acquisition) का एंटरप्राइज वैल्यू (Enterprise Value) लगभग 1,410 करोड़ रुपये आंका गया है। हालांकि, यह राशि प्रथागत समापन समायोजन (Closing Adjustments) के अधीन होगी।

वित्तीय मजबूती की बात करें तो जेएसडब्ल्यू एनर्जी के मुताबिक, इस अधिग्रहित संपत्ति (Acquired Asset) ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के दौरान ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले लगभग 279 करोड़ रुपये की अनुमानित कमाई (EBITDA) दर्ज की थी। कंपनी का मानना है कि यह सौदा उनके लाभ (Profit After Tax – PAT) को बढ़ाने के साथ-साथ शुद्ध उत्तोलन (Net Leverage) को कम करेगा, जिससे उनकी बैलेंस शीट और भी अधिक मजबूत होगी।

ईंधन सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स का बड़ा फायदा (Fuel Security)

किसी भी थर्मल पावर प्लांट की सफलता उसके कोयले की आपूर्ति पर निर्भर करती है। इस प्लांट के लिए कोयले की आपूर्ति (Coal Supply) पूरी तरह सुरक्षित है। इसके लिए एसईएलसी (SELC) के साथ एक दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौता (Fuel Supply Agreement) किया गया है। इसके अलावा, भारत सरकार की प्रतिष्ठित शक्ति योजना (SHAKTI Scheme) के तहत भी इस प्रोजेक्ट को कोयले की लिंकेज प्राप्त है।

जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने आधिकारिक बयान में कहा कि इस अधिग्रहण से उन्हें परिचालन संबंधी बेहतरीन लाभ (Operational Benefits) मिलेंगे। दरअसल, यह प्लांट जेएसडब्ल्यू के मौजूदा महानदी थर्मल पावर प्लांट (Mahanadi Thermal Power Plant) के काफी करीब है। पास में होने के कारण कंपनी को लॉजिस्टिक्स, संचालन और रखरखाव की लागत (O&M Costs) को कम करने और उसे अनुकूलित (Optimisation) करने में बड़ी मदद मिलेगी।

जेएसडब्ल्यू का थर्मल पोर्टफोलियो अब 10,958 MW तक पहुंचा

इस सफल सौदे के बाद जेएसडब्ल्यू एनर्जी की स्थापित थर्मल उत्पादन क्षमता (Installed Thermal Generation Capacity) 5,658 मेगावाट से बढ़कर सीधे 5,958 मेगावाट हो गई है। कंपनी के पास पहले से ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं:

  • साल्बोनी प्रोजेक्ट (Salboni Plant): पश्चिम बंगाल के साल्बोनी में कंपनी की 3,200 मेगावाट की थर्मल क्षमता निर्माणाधीन (Under Construction) है, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
  • महानदी विस्तार (Mahanadi Expansion): ओडिशा के महानदी में कंपनी की 1,800 मेगावाट की ब्राउनफील्ड थर्मल विस्तार पाइपलाइन तैयार खड़ी है।
  • कुल क्षमता (Total Locked-in Capacity): इस अधिग्रहण के बाद जेएसडब्ल्यू एनर्जी की कुल लॉक-इन थर्मल क्षमता बढ़कर 10,958 मेगावाट हो गई है, जो इनके पारंपरिक ऊर्जा पोर्टफोलियो को नया आयाम देगी।

मैनेजमेंट का क्या है कहना? जानिए सीईओ का बयान

जेएसडब्ल्यू एनर्जी के संयुक्त प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Joint MD & CEO) शरद महेंद्र ने इस सौदे पर अपनी गहरी खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा:

“यह ट्रांजैक्शन हमारी कंपनी के अनुशासित ‘बिल्ड बनाम बाय’ (Build vs. Buy) दृष्टिकोण को दर्शाता है। हमारा ध्यान हमेशा ऐसी संपत्तियों को खरीदने पर होता है जो हमारे मूल्य को बढ़ाएं। मारुति क्लीन कोल (MCCPL) एक पूरी तरह से चालू एसेट (Operational Asset) है, जो अधिग्रहण के पहले दिन से ही हमारे मुनाफे और कैश फ्लो में योगदान देना शुरू कर देगी। यह भारत की बढ़ती बिजली मांग (Electricity Demand) और ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को पूरा करने में हमारा एक बड़ा योगदान है।”

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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