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Smart Meter स्‍मार्ट मीटर से बढ़ गई है बिजली की खपत! उपभोक्‍ता ने मांगी कैलिब्रेशन रिपोर्ट, CSPDCL ने लिखित में बताया…

Smart Meter रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में स्‍मार्ट बिजली मीटर लगाए जा रहे हैं। स्‍मार्ट मीटर की स्‍पीड को लेकर लोग लगातार शिकायतें कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली की खपत बढ़ गई है और बिल ज्‍यादा आ रहा है। ऐसे में एक उपभोक्‍ता ने बिजली वितरण कंपनी से स्‍मार्ट मीटर का कैलिब्रेशन (टेस्‍ट रिपोर्ट) मांग लिया। इस पर कंपनी की तरफ से लिखित उत्‍तर आया है।  

30 प्रतिशत खपत बढ़ने की शिकायत

मामला रायपुर का ही है। डीडी नगर में रहने वाले एक सेवानिवृत्‍त सहायक प्राध्‍यापक ने स्‍मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली की खपत 30 प्रतिशत बढ़ने की शिकायत के साथ कंपनी से स्‍मार्ट मीटर का टेस्‍ट रिपोर्ट देने की मांग की। इस रिपोर्ट के लिए उन्‍होंने बकायदा लिखित में आवेदन किया।

11 नवंबर को आवेदन 20 नवंबर को आया कंपनी का जवाब

सेवानिवृत्‍त सहायक प्राध्‍यापक जीआर साहू ने स्‍मार्ट मीटर के टेस्‍ट रिपोर्ट के लिए 11 नवंबर को कंपनी में आवेदन किया था। इस आवेदन को देने के लिए भी खासी मशक्‍कत करनी पड़ी, लेकिन आवेदन देने के करीब 9 दिन बाद 20 नवंबर को उन्‍हें कंपनी की तरफ से लिखित उत्‍तर मिला है।

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मीटर के साथ देने चाहिए रिपोर्ट

श्री साहू का कहना है कि बाजार से कोई भी उपकरण खरीदने पर उसके साथ ब्रोशर दिया जाता है, जिसमें संबंधित उपकरण का तकनीकी समेत अन्‍य विवरण होता है। इसके आधार पर उपभोक्‍ता उपकरण खरीदता है। लेकिन स्‍मार्ट मीटर के मामले में बिजली कंपनी उपभोक्‍ताओं को न तो चयन का अवसर दे रही है लेकिन स्‍मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवत्ता संबंधी कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है ।

स्‍मार्ट मीटर लगने के बाद पहला बिल ही ज्‍यादा

स्‍मार्ट मीटर की इस कहानी को श्री साहू ने सोशल मीडिया में साझा किया है। उनके आवास पर 28 अक्‍टूबर को स्‍मार्ट मीटर लगाया गया। नवंबर में जब पहला बिल आया तो उन्‍हें वह औसत से ज्‍यादा लगा। इससे उन्‍हें मीटर पर संदेह हुआ तो वे मीटर का कैलीबरेशन टेस्ट रिपोर्ट मांगने आवेदन लेकर पावर कंपनी पहुंच गए।  

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आसान नहीं था आवेदन करना

जब वे आवेदन जमा करने पहुंचे तो वहां मौजूद महिला कर्मी ने कहा कि ऐसा रिपोर्ट नहीं दिया जाता है । श्री साहू ने अपने पोस्‍ट में बताया है कि इस पर मैंने विनम्रता से कहा कि मैडम मैं उपभोक्ता हूं और मीटर विद्युत मंडल का है इसलिए इस उपकरण की गुणवत्ता जानने का मेरा पूरा अधिकार है क्योंकि मैं बिल का भुगतान करता हूं । यदि रिपोर्ट नहीं देना है तो मुझे लिखित में दे दीजिए।

ऐसे स्‍वीकार हुआ आवेदन

श्री साहू बताते हैं कि मैंने कहा कि मेरा आवेदन प्रभारी अधिकारी के नाम पर है और यदि आप प्रभारी  अधिकारी नहीं हैं तो कृपया मुझे नियम न बताएं और जो कहना हो आपका अधिकारी मुझे लिखित में दे । मेरे कथन के बाद दूसरी महिला कर्मी आई और उसे चुपचाप आवेदन लेने की समझाइश दे गई । मेरा आवेदन लेकर पावती देकर तीन दिन बाद मिलने कहा गया है ।

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20 नवंबर को मिला उत्‍तर

कंपनी के सहायक यंत्री ने श्री साहू को आवेदन का लिखित उत्‍तर दिया है, उसमें सहायक यंत्री ने लिखा है कि मीटर सही काम कर रहा है । अक्‍टूबर 2025 में 572 यूनिट खपत आया है तो अक्‍टूबर 2024 में हुए खपत से कम है। सहायक यंत्री ने कहा कि मीटर पर संदेह है तो टेस्टिंग के लिए आवेदन निर्धारित शुल्क सहित प्रस्तुत कर सकते हैं।

5 हजार रुपए तक देना पड़ता है शुल्‍क  

कंपनी की तरफ से दिए गए उत्‍तर में मीटर टेस्टिंग के लिए शुल्क का विवरण नहीं दिया है श्री साहू ने अपने श्रोतों से पता किया तो जानकारी मिली कि सिंगल फेज का 1000 और थ्री फेस मीटर की टेस्टिंग के लिए 5000  शुल्‍क जमा करना पड़ता है।

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