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Real Ispat रियल इस्पात हादसा: जांच में सामने आई कंपनी प्रबंधन की गंभीर लापरवाही, नोटिस जारी

Real Ispat  रायपुर।  मेसर्स रियल इस्पात एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड में 22 जनवरी हुए भीषण हादसे की जांच के लिए गठित गठित संयुक्त टीम ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। इसमें कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगे हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर दीपक सोनी कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है।

जांच में इन गड़बडिय़ों का हुआ खुलास

जांच प्रतिवेदन के अनुसार किल्न क्रमांक-01 का शट डाउन किए बिना  वहां काम कराया जा रहा था। कार्यस्थल में व्यापक सुरक्षा और सुरक्षित कार्यप्रणालियों का उपयोग नहीं किया गया।  इसी तरह डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर जमे हुए गर्म ऐश को वेटस्क्रैपर में गिराए जाने के दौरान उचित रुप से कार्य अनुमति जारी नहीं किया गया और नवनियुक्त श्रमिकों को बिना कार्य अनुमति के डस्ट सेटलिंग चेंबर जैसे खतरनाक कार्यस्थल में नियोजित किया किया गया, जो कारखाना प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है।

वाणिज्यिक उत्पादन की भी अनुमति नहीं

कारखाना प्रबंधन द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन के संबंध में अनुमति नहीं लिया गया जो कि उद्योग नीति के विरुद्ध है। कारखाना प्रबंधन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत श्रमिकों को वेतन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया। संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अंतर्गत 20 या 20 से अधिक श्रमिक होने पर उनके द्वारा ठेका श्रमिक 1973 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति लिया जाता है। जबकि उनके द्वारा कारखाना में 02 ठेकेदार होने के बाद भी 100 श्रमिक से कार्य लिए जाने पर अनुज्ञप्ति नहीं लिया गया है।

मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख मुआवजा

हादसे  में मृत 5 श्रमिकों के परिजनों को 20 -20 लाख और 6 घायल श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजा  कंपनी प्रबंधन की तरफ से दिया गया है। घायल श्रमिकों का उपचार बिलासपुर में किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी सुबह लगभग 9.40 बजे उक्त फैक्ट्री के किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट और गर्म ऐश की बौछार होने से 5 श्रमिकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जब कि 6 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

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