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ब्रेकिंग न्यूज: बिजली कर्मचारियों की चमकी किस्मत! सरकार ने संविदा कर्मियों को परमानेंट करने की नई नीति को दी हरी झंडी, आदेश जारी

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग (Energy Department) से इस वक्त संविदा पर काम कर रहे बिजली अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक बेहद बड़ी खुशखबरी (Good News) निकलकर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मंडल (MPSEB) की उत्तरवर्ती बिजली कंपनियों में अनुकंपा आधार (Compassionate Appointment) पर नियुक्त संविदा कर्मियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। शासन ने इन सभी कार्मिकों को उनके समकक्ष नियमित रिक्त पदों पर नवीन नियुक्ति (Regular Appointment) देने की प्रक्रिया का निर्धारण करने संबंधी ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

ऊर्जा विभाग के उप सचिव मंदार पुराणिक के हस्ताक्षर से इस संबंध में विस्तृत शासकीय आदेश और नीति निर्देश (Official Notification) जारी कर दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले से मध्य प्रदेश के बिजली विभाग में वर्षों से संविदा के रूप में काम कर रहे हजारों परिवारों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। आइए इस महत्वपूर्ण आदेश, इसकी समय-सीमा (Timeline) और इसके दायरे में आने वाली कंपनियों के बारे में हर एक बिंदु को विस्तार से समझते हैं।

योजना का नाम: “अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर नियुक्त कार्मिकों की समकक्ष नियमित पद पर नवीन नियुक्ति योजना”

मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक, इस नई कल्याणकारी योजना का नाम अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर नियुक्त कार्मिकों की समकक्ष नियमित पद पर नवीन नियुक्ति योजना” (New Appointment Scheme for Contractual Employees) रखा गया है।

यह योजना पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से (With Immediate Effect) लागू कर दी गई है। इस नीतिगत निर्णय (Policy Decision) के तहत उन सभी योग्य अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यधारा में लाया जाएगा, जो किसी विपदा के बाद अनुकंपा के आधार पर विभाग में संविदा श्रेणी के तहत सेवाएं दे रहे थे। सरकार का यह कदम कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा (Social Security) और कार्यस्थल पर स्थिरता प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

इन बिजली कंपनियों में लागू होगी नई नियमितीकरण नीति (Target Companies)

शासन द्वारा जारी किए गए पत्र क्रमांक 3611/2026/तेरह/04 के अंतर्गत मध्य प्रदेश की निम्नलिखित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनियों (Power Sector Utilities) को इस योजना के त्वरित क्रियान्वयन (Execution) के निर्देश दिए गए हैं:

  1. एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MP Power Management Company Limited – MPPMCL), भोपाल
  2. म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MP Poorv Kshetra Vidyut Vitaran Company Limited), जबलपुर
  3. म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MP Madhya Kshetra Vidyut Vitaran Company Limited), भोपाल
  4. म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MP Paschim Kshetra Vidyut Vitaran Company Limited), इंदौर
  5. म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (MP Power Transmission Company Limited – MPPTCL), जबलपुर

विशेष नोट (Crucial Exception):

इस शासकीय आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MP Power Generating Company Limited) को छोड़कर शेष सभी उत्तरवर्ती बिजली कंपनियों में ही यह योजना लागू होगी। जनरेटिंग कंपनी को इस दायरे से बाहर रखा गया है।

नियमितीकरण प्रक्रिया और समय-सीमा: 31 जुलाई 2026 तक का अल्टीमेटम

ऊर्जा विभाग ने आदेश में स्पष्ट समय-सीमा (Deadlines) तय कर दी है ताकि प्रशासनिक लेती-देती या हीला-हवाला के कारण कर्मचारियों को लंबा इंतजार न करना पड़े। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए निम्नलिखित निर्देश और डेडलाइंस तय की गई हैं:

कोर्ट केस से बचने के लिए सरकार की बड़ी रणनीति: कैविएट होगी दायर

इस ऐतिहासिक योजना के सुचारू क्रियान्वयन में कोई कानूनी अड़चन (Legal Hurdle) न आए, इसके लिए मध्य प्रदेश शासन ने पहले से ही अपनी कानूनी व्यूहरचना (Legal Strategy) तैयार कर ली है। आदेश के बिंदु क्रमांक 5 में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है:

  • सर्वप्रथम तीनों विद्युत वितरण कंपनियों (Discoms) द्वारा अपनी कंपनी क्षेत्रांतर्गत स्थित माननीय उच्च न्यायालय की पीठ (Honorable High Court Bench) में योजना के अंतर्गत संलग्न परिशिष्ट में उल्लेखित बिंदुओं के क्रियान्वयन की महत्ता को दर्शाते हुए ऊर्जा विभाग की ओर से तत्काल कैविएट (Caveat) दायर की जाएगी।
  • यह कैविएट उसी दिन न्यायालय में सबमिट कर विभाग को तत्काल अवगत कराया जाएगा ताकि कोई भी असंतुष्ट तत्व इस कर्मचारी-हितैषी योजना पर स्थगन आदेश (Stay Order) न ले सके।

प्रशासनिक शक्तियां और जवाबदेही (Administrative Powers & E-E-A-T)

इस आदेश के माध्यम से सरकार ने एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक (Managing Director) को योजना की संपूर्ण प्रक्रिया, नियमों और विनियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन (Amendments) करने हेतु पूरी तरह अधिकृत (Authorized) किया है।

इसके साथ ही, सभी संबंधित कंपनियों के प्रबंध संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे संलग्न परिशिष्ट के बिंदुओं के आधार पर अपने-अपने स्तर पर परिपत्र (Circular) जारी करें। इस योजना का ग्राउंड लेवल पर त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के बाद वे अपने संचालक मंडल (Board of Directors – BoD) से कार्योत्तर अनुमोदन (Post-facto Approval) प्राप्त करेंगे। तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा कर सभी कंपनियों को शासन को अपना पालन प्रतिवेदन (Compliance Report) सौंपना अनिवार्य होगा।

कर्मचारियों को क्या होगा सीधा फायदा? (Key Benefits for Employees)

इस सरकारी फैसले से संविदा पर काम कर रहे अनुकंपा कर्मचारियों को कई प्रत्यक्ष लाभ (Direct Benefits) मिलेंगे, जो उनके करियर को पूरी तरह बदल देंगे:

  • स्थायी रोजगार (Job Security): संविदा की अनिश्चितता समाप्त होगी और उन्हें नियमित शासकीय सेवकों की तरह पूर्ण स्थायी सेवा सुरक्षा प्राप्त होगी।
  • वेतनमान में सुधार (Better Pay Scale): नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति मिलते ही कर्मचारियों को समकक्ष नियमित ग्रेड पे, महंगाई भत्ता (DA) और अन्य भत्तों का लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा।
  • पेंशन और ग्रेच्युटी के लाभ: नियमित सेवा में आने के बाद भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों (Retirement Benefits) का ढांचा मजबूत होगा।
  • अंतर-कंपनी ट्रांसफर का मौका: यदि मूल कंपनी में पद रिक्त नहीं है, तो दूसरी कंपनी में जाकर नियमित पद हासिल करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

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निष्कर्ष: मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत

मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम बिजली क्षेत्र में काम कर रहे मानव संसाधन (Human Resource) के मनोबल को बढ़ाने वाला है। अनुकंपा के आधार पर संकट के समय विभाग से जुड़े इन संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्त करना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। 31 जुलाई 2026 तक इस योजना के पूर्ण होने से बिजली कंपनियों की कार्यक्षमता में भी भारी इजाफा देखने को मिलेगा।

MP Electricity News
सरकार के आदेश की कॉपी

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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