
Terror funding रायपुर। छत्तीसगढ़ से आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) फंडिंग का मामला सामने आया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक आरोपी की 6.34 लाख की संपत्ति अटैच की है। ईडी ने यह जानकारी शनिवार (6 सितंबर 2025) को दी है।
राजू खान की सपंत्ति अटैच
ईडी ने जिस आरोपी की लगभग 6.34 लाख की संपत्ति अटैच की है, उसका नाम राजू खान है। राजू खान को करीब चार साल पहले छत्तीसगढ़ की पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। अभी वह जेल में बंद हैं।
2013 में सामने आया था मामला
छत्तीसगढ़ से टेरर फंडिंग का यह मामला 2013 में सामने आया था। तब पुलिस ने इस मामले से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में इस मामले की जांच एनआईए और फिर ईडी भी इस मामले की जांच कर रही है।
Terror funding 2011 में शुरू हुआ था टेरर फंडिंग का खेल
इस मामले में पुलिस ने रायपुर में खमतराई थाना क्षेत्र से धीरज साव को गिरफ्तार किया था। धीरज साव अंडा ठेला लगाता था, लेकिन उसके बैंक खातों से लाखों रुपए का लेनदेन होता था। धीरज साव 2013 से जेल में हैं।
जानिए- क्या था छत्तीसगढ़ में टेरर फंडिंग का मामला
पुलिस की पूछताछ में धीरज साव ने बताया कि 2011 में किसी पाकिस्तानी ने उसे कॉल किया और 13 प्रतिशत कमीशन का लालज दिया। बोला कि तुम्हारे खाते में पैसा आएगा उसे राजू खान, आयशा बानो और जूबैर खान के खातों में ट्रांसफर कर देना।
Terror funding फरार हो गया था राजू खान
मामला खुलने और धीरज साव की गिरफ्तारी के बाद राजू खान फरार हो गया। करीब सात साल तक वह पुलिस से बचता रहा, लेकिन पुलिस भी उसकी ताक में लगी रही। 2021 में राजू खान के पश्चिम बंगाल में होने की पुख्ता सूचना मिली के बाद पुलिस ने वहां से गिरफ्तार कर लिया था।
दुर्गापुर का रहने वाला है राजू खान
राजू खान मूल रुप से दुर्गापुर का रहने वाला है। 1994 में उसकी शादी श्रीनगर में हुई, जिसके बाद उसका श्रीनगर और कश्मीर आना-जाना शुरू हुआ। माना जाता है कि इसी दौरान वह आतंकवादियों के संपर्क में आया।




