
रायपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ में सियासत का पारा आधी रात को उस वक्त चढ़ गया जब भाजपा की सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम (Women Reservation Bill) के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A) के रुख को लेकर प्रदेश की मातृशक्ति में जबरदस्त आक्रोश (Anger) देखा जा रहा है।
दुर्ग में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सरोज पाण्डेय के नेतृत्व में महिलाओं ने मशालें थामकर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
सरोज पाण्डेय का प्रहार: ‘बेकाब हुआ कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा’
आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए डॉ. सरोज पाण्डेय ने कहा कि सदन में प्रस्तुत अधिनियम का विरोध करके विपक्ष ने अपनी संकीर्ण मानसिकता (Narrow Mindedness) जगजाहिर कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- कांग्रेस केवल चुनाव के समय महिलाओं को वोट बैंक (Vote Bank) की तरह याद करती है।
- विपक्ष नहीं चाहता कि देश की आधी आबादी नीति-निर्धारण (Decision Making) में पुरुषों के साथ कदम मिलाकर चले।
- 12 वर्षों से पीएम मोदी महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार कार्य (Continuous Work) कर रहे हैं, जिसे विपक्ष पचा नहीं पा रहा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कड़ा संदेश
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस विरोध को ‘राजनीतिक पाखंड’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि “131वें संविधान संशोधन विधेयक का विरोध केवल एक कानून का विरोध नहीं है, बल्कि यह करोड़ों बहनों के सम्मान (Respect) और आशाओं पर आघात है। नारी सशक्तिकरण की यह यात्रा अब रुकने वाली नहीं है।”
विपक्ष के ‘महिला विरोधी’ DNA पर हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने इसे विपक्षी दलों के राजनीतिक पाखंड (Hypocrisy) की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि जो दल मंचों पर महिला सशक्तिकरण का ढोंग करते हैं, उन्होंने सदन के भीतर महिलाओं के हक पर प्रहार किया है। यह विपक्ष की बौखलाहट है क्योंकि अब महिलाओं को उनका उचित स्थान (Proper Place) मिल रहा है।
महिला सांसदों और प्रवक्ताओं ने घेरा
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा ने भी संयुक्त रूप से कांग्रेस को घेरा।
खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
संवैधानिक अधिकार: विपक्ष ने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों (Constitutional Rights) से वंचित करने का कुप्रयास किया। तुष्टीकरण की राजनीति: प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल और शताब्दी पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस तुष्टीकरण (Appeasement) के चक्कर में विकास में बाधा डाल रही है। ऐतिहासिक कदम: ‘नारी शक्ति वन्दन’ केवल कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को उड़ान (Wings to Dreams) देने वाला संकल्प है।छत्तीसगढ़ भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। आधी रात को हुआ यह प्रदर्शन (Protest) आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। मातृशक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति सजग (Aware) है और विरोध करने वालों को करारा जवाब देने के लिए तैयार है।
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