
Vishnu Deo रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 31 मार्च 2026 को प्रदेश के इतिहास का सबसे ‘ऐतिहासिक दिन’ करार दिया है। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का खात्मा हो गया है। उन्होंने इस सफलता को बस्तर में शांति, विकास और नई जिंदगी की शुरुआत बताया।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “आज का दिन छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता के लिए गौरव का क्षण है। नक्सलवाद, जो पिछले 40 वर्षों से विकास में सबसे बड़ी बाधा था, अब समाप्त हो चुका है।” उन्होंने इस निर्णायक जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का जो संकल्प लिया था, वह आज सिद्ध हुआ है।
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‘पूना मारगेम’ पहल: 25 कैडरों की मुख्यधारा में वापसी
दण्डकारण्य क्षेत्र में नक्सलियों के हृदय परिवर्तन की बानगी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत आज 25 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है।
- आत्मसमर्पण: मुख्यधारा में लौटने वालों में 12 महिलाएं भी शामिल हैं।
- इनामी राशि: इन नक्सलियों पर कुल ₹1.47 करोड़ का इनाम घोषित था।
- बड़ी बरामदगी: माओवादी तंत्र पर प्रहार करते हुए सुरक्षा बलों ने 93 घातक हथियारों के साथ ₹14.06 करोड़ की सामग्री बरामद की है।
विकास से अछूता बस्तर अब भरेगा उड़ान
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह सिर्फ आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि सरकार पर जनता के विश्वास की वापसी है। जो बस्तर क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेज गति से होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वामपंथी उग्रवाद का अंत अब बस्तर के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खोलेगा।







