
Chaitanya Baghel रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के परिवार के लिए 2026 शुभ संदेश लेकर आया है। नए साल के दूसरे ही दिन हाईकोर्ट ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को जमानत दे दिया है। इसके साथ ही करीब पांच महीने से जेल में बंद चैतन्य बघेल के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
18 जुलाई से हैं जेल में बंद
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इकलौते पुत्र को केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीते 18 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था। उसी दिन चैतन्य बघेल का जन्म दिन था। चैतन्य को मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
बहस पहले ही चुकी थी पूरी
चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। चैतन्य की तरफ से हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की। जमानत आवेदन पर कोर्ट में सुनवाई पहले ही हो चुकी थी, शुक्रवार को कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुनाया।
चैतन्य पर गंभीर आरोप
बताते कि ईडी ने रायपुर की विशेष कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में चैतन्य बघेल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ईडी ने चैतन्य पर शराब घोटाला से हुई कमाई को रियल इस्टेट के कारोबार में लगाने का आरोप लगाया है। ईडी का आरोप है कि शराब भ्रष्टाचार से हुई हजारों करोड़ रुपए को भी चैतन्य ने हैंडल किया।
यह है शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान कथिततौर पर शराब के कारोबार में तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भ्रष्टाचार हुआ। भ्रष्टाचार के इस सिंडिकेट में कई कारोबारी, अफसर और राजनेता शामिल थे। इसी मामले में तत्कालीन अबकारी मंत्री कवासी लखमा भी जेल में हैं। इसी तरह सेवानिवृत्त आईएएस नीरंजन दास, अनिल टूटेजा, टेलीकॉम सर्विस के अफसर एपी त्रिपाठी के साथ कारोबार अनवर ढेबर और कुछ शराब कारोबारी शामिल हैं।




