
रायपुर: छत्तीसगढ़ में इन दिनों केंद्र सरकार की ओर से दो अलग-अलग सर्वे (Surveys) चल रहे हैं, जिससे आम जनता के बीच भ्रम (Confusion) की स्थिति पैदा हो गई है। एक तरफ जहां 1 मई से बहुप्रतीक्षित जनगणना (Census) की तैयारी है, वहीं उससे ठीक पहले नेशनल ट्रेवल सर्वे कराया जा रहा है। अचानक घर की घंटी बजने और परिवार से जुड़े सवाल पूछे जाने पर लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि ये कर्मचारी असली हैं या नहीं।
क्या है नेशनल ट्रेवल सर्वे? (Understanding the Survey)
भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा यह सर्वे कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू पर्यटन (Domestic Tourism) और लोगों के यात्रा करने के पैटर्न को समझना है। इसके जरिए सरकार भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए ‘घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण’ (DTS) और ‘राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण’ (NHCTS) का डेटा जुटा रही है।
- परिवार का मुखिया कौन है और घर में कुल कितने सदस्य हैं?
- पिछले एक साल में किस सदस्य ने कितनी यात्राएं की हैं?
- यात्रा का साधन (Transport) क्या था? जैसे: रेल, प्लेन या बस।
- यात्रा के दौरान रात में रुके या नहीं और कुल कितना खर्च (Expenditure) हुआ?
धोखाधड़ी से बचने के लिए बरतें ये सावधानी (Safety Measures)
जनगणना और ट्रेवल सर्वे अलग-अलग हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि घर आकर जानकारी लेने वाले व्यक्ति से सबसे पहले परिचय और आईडी कार्ड (ID Card) जरूर मांगें।
- पहचान पत्र: कर्मचारी का आधिकारिक आईडी कार्ड देखने के बाद ही बात शुरू करें।
- सीमित जानकारी: केवल सर्वे से जुड़े सामान्य सवालों के जवाब दें।
- गोपनीयता: किसी भी स्थिति में मोबाइल पर आया ओटीपी (OTP) साझा न करें।
- वित्तीय डेटा: बैंक खाता, आमदनी या पिन नंबर जैसी निजी जानकारी कभी न दें।
अधिकारी का क्या है कहना? (Official Statement)
सांख्यिकी संचालनलय छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आर्थिक और सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा कराया जा रहा यह एक नेशनल सर्वे (National Survey) है। वहीं, जनगणना निदेशालय 1 मई से घर-घर पहुंचकर जनगणना का काम शुरू करेगा। जनता से अपील की गई है कि वे प्रॉपर वेरिफिकेशन के बाद ही सहयोग करें।







