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छत्‍तीसगढ़ में सिलसिलेवार हुआ प्रदर्शन

छत्‍तीसगढ़ में सिलसिलेवार हुआ प्रदर्शन

AIPEF रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के सरकारी बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों ने बुधवार को राजधानी के डंगनिया स्थित बिजली मुख्‍यालय लेकर कोरबा और मड़वा के बिजली संयंत्रों तक विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उत्‍तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ आंदोलन कर रहे बिजली कर्मियों को मोरल समर्थन देने के लिए किया गया।

इस वजह से किया विरोध प्रदर्शन

बिजली कर्मचारी नेताओं ने बताया कि छत्‍तीसगढ़ में सांकेतिक आंदोलन किया गया। AIPEF के आह्वान पर देशभर के बिजली कर्मियों ने आज आंदोलन किया। यह आंदोलन बिजली सेक्‍टर के निजीकरण के विरोध में किया गया है।

AIPEF जानिए- क्‍या है मामला

दरअसल पूरा मामला बिजली सेक्‍टर के निजीकरण से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि उत्‍तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन वहां की दो बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण की तैयारी में है। इसके लिए जल्‍द ही टेंडर जारी होने वाला है। उत्‍तर प्रदेश बिजली कार्पोरेशन के कर्मचारी इसके विरोध में लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।

छत्‍तीसगढ़ में सिलसिलेवार हुआ प्रदर्शन

छत्‍तीसगढ़ के बिजली कर्मियों ने आंदोलन के समर्थन में सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शन किया। अभियंता संघ की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार कोरबा स्थित कोरबा DSPM और कोरबा पश्चिम पॉवर प्‍लांट के सीनियर क्लब के सामने सुबह सवा 8 बजे प्रदर्शन किया गया। मड़वा स्थित ABVTPS पॉवर प्‍लांट के सामने भी उसी समय पर प्रदर्शन किया गया। राजधानी रायपुर स्थित बिजली मुख्‍यालय और बिलासपुर रीजन में दोपहर डेढ़ बजे प्रदर्शन हुआ।

AIPEF देशभर में हड़ताल का था आह्वान

बता दें कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्‍लाइज एवं इंजीनियर्स की कोर कमेटी की 11 जून को नई दिल्‍ली में हुई बैठक में इस आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी।

इसमें 2 जुलाई को सांकेतिक आंदोलन और 9 जुलाई को देशव्‍यापी एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया था। छत्‍तीसगढ़ के बिजली कर्मियों ने इस आंदोलन को मोरल समर्थन देने का फैसला किया था।

बिजली कर्मचारी नेताओं ने बताया कि उत्‍तर प्रदेश समेत कई राज्‍यों में हड़ताल का व्‍यापक असर हुआ है। इस खबर को विस्‍तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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