
नई दिल्ली, न्यूज डेस्क। भारतीय रेलवे में करियर ग्रोथ का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) के अंतर्गत आने वाले रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने अपनी सेवाओं में पारदर्शिता और गति लाने के लिए एक नई अधिसूचना (Official Notification) जारी की है ।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ‘रेलवे बोर्ड सचिवालय सेवा (वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड, वरिष्ठ चयन ग्रेड, चयन ग्रेड और ग्रेड-1 में प्रोन्नति) विनियम, 2026′ को आधिकारिक तौर पर पूरे देश में लागू कर दिया गया है । यह नया नियम उन सभी अधिकारियों के लिए बेहद खास है जो लंबे समय से अपने प्रमोशन (Promotion) का इंतजार कर रहे थे।
क्या है Railway Promotion Rules 2026?
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी इस गैजेट नोटिफिकेशन (Gazette Notification) के अनुसार, नए नियमों को रेलवे बोर्ड सचिवालय सेवा नियम, 2026 के नियम 8 के उप-नियम (6) के तहत तैयार किया गया है 。 इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (Senior Administrative Grade) से लेकर ग्रेड-1 (Grade-I) तक के अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है ।
ये नए नियम राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशन की तारीख से ही प्रभावी माने जाएंगे । इसका मतलब यह है कि अब आने वाले समय में रेलवे बोर्ड के भीतर जितने भी प्रमोशन होंगे, वे सभी इसी नए Railway Promotion Rules 2026 के आधार पर तय किए जाएंगे।
कौन होगा प्रमोशन के लिए पात्र (Eligibility Criteria)?
नए नियमों के तहत ‘पात्र अधिकारी’ (Eligible Officer) की परिभाषा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है । इसके अंतर्गत निम्नलिखित मापदंड तय किए गए हैं:
- कट-ऑफ डेट (Cut-off Date): प्रमोशन के लिए पात्रता की गणना हर कैलेंडर वर्ष की 1 जुलाई को आधार मानकर की जाएगी ।
- पात्रता सूची (Eligibility List): जो अधिकारी 1 जुलाई को संबंधित ग्रेड में नियुक्ति के लिए सभी शर्तें पूरी करेंगे, केवल उन्हें ही चयन क्षेत्र (Zone of Consideration) में शामिल किया जाएगा ।
- पदों का निर्धारण: वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड, वरिष्ठ चयन ग्रेड, चयन ग्रेड या ग्रेड-1 में कितने अधिकारियों को प्रमोट किया जाएगा, इसकी कुल संख्या सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाएगी ।
चयन समिति का गठन (Constitution of Selection Committee)
रेलवे बोर्ड ने अलग-अलग ग्रेड के अधिकारियों के मूल्यांकन के लिए उच्च स्तरीय समितियों का गठन किया है ।
कैसे तैयार होगी चयन सूची (Selection List Process)?
नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव मूल्यांकन की पद्धति को लेकर किया गया है। अब अधिकारियों को जटिल नंबर देने के बजाय सीधे उनकी योग्यता के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।
- ‘योग्य’ या ‘अयोग्य’ ग्रेडिंग (Fit or Unfit Grading): चयन समिति अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करके उन्हें सिर्फ ‘योग्य’ (Fit) या ‘अयोग्य’ (Unfit) के रूप में ग्रेड देगी ।
- वरिष्ठता का सम्मान (Seniority Order): जो अधिकारी ‘योग्य’ पाए जाएंगे, उनके नामों को उनकी पुरानी आपसी वरिष्ठता (Inter-se Seniority) के क्रम में ही चयन सूची में व्यवस्थित किया जाएगा 。
- सालाना प्रकाशन: प्रत्येक वर्ष की पहली जुलाई को संस्वीकृत पदों की संख्या के आधार पर इस चयन सूची को अनिवार्य रूप से प्रकाशित किया जाएगा ।
- APAR का महत्व: ग्रेड-1 के अधिकारियों के मामले में चयन समिति की सिफारिशों के साथ-साथ अधिकारियों की अद्यतन वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR – Annual Performance Assessment Report) और अन्य सुसंगत जानकारियां UPSC को सलाह के लिए भेजी जाएंगी ।
पुराने अधिकारियों को मिली बड़ी राहत (Savings Clause)
इस अधिसूचना में एक महत्वपूर्ण राहत की बात भी कही गई है । विनियम 10 के अनुसार, यदि कोई अधिकारी इन नए नियमों (Railway Promotion Rules 2026) के लागू होने से पहले ही पुराने नियमों के तहत पदोन्नति के लिए स्वीकृत (Approved) हो चुका है, लेकिन उसकी नियुक्ति अभी तक नहीं हुई थी, तो उसकी पात्रता खत्म नहीं होगी । वह अधिकारी नए नियम आने के बाद भी उस ग्रेड में नियुक्ति पाने का पूरा हकदार बना रहेगा ।
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यह स्पष्ट बदलाव इस बात को दर्शाता है कि सरकार पुराने अधिकारियों के हितों की रक्षा करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था (Administrative System) को अपग्रेड कर रही है। रेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव वी.एस. दहिया द्वारा जारी इस अधिसूचना ने रेलवे सचिवालय सेवा के भीतर लंबे समय से चल रहे असमंजस को समाप्त कर दिया है ।







