
Bhupesh रायपुर। छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। भूपेश बघेल की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बघेल को आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच और गिरफ्तारी के खिलाफ मांगी गई व्यक्तिगत राहत के संबंध में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय जाने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने उच्च न्यायालय से मामले का शीघ्र निपटारा करने का अनुरोध किया।
Bhupesh नई याचिका दाखिल करने का निर्देश
ईडी की जांच, गिरफ्तारी आदि की शक्तियों से संबंधित पीएमएलए प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के संबंध में, शीर्ष अदालत की पीठ ने याचिकाकर्ताओं से सर्वोच्च न्यायालय में एक नई याचिका दायर करने को कहा। इस नई याचिका पर 6 अगस्त को विचार किया जाएगा।
जेल में हैं चैतन्य
बता दें कि पूर्व सीएम के पूर्व चैतन्य बघेल इस वक्त जेल में हैं। ईडी ने उन्हें 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। पांच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने रिमांड पर जेल भेज दिया। चैतन्य बघेल की रिमांड आज पूरी हो रही है। आज ही उन्हें भी कोर्ट में पेश किया जाना है। चैतन्य बघेल को रायपुर केंद्रीय जेल में रखा गया है।
Bhupesh सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट ने भूपेश बघेल को अग्रिम जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया है। ऐसे में भूपेश बघेल की तरफ से बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी। वहीं, ईडी के अधिकारों को चुनौती देने वाली एक अलग याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी। इस याचिका पर 6 अगस्त को सुनवाई के लिए तारीख तय की गई है।




