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बड़ा झटका! RTI नियमों में सरकार का बड़ा बदलाव, अब ऐरे-गैरे नहीं बन पाएंगे CPIO; आदेश जारी

चतुरपोस्ट डेस्क।  भारत सरकार के Department of Public Enterprises – DPE (डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज), जो कि वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के अंतर्गत आता है, ने सूचना के अधिकार (Right to Information – RTI) कानून को लेकर एक बेहद संवेदनशील और बड़ा फैसला लिया है । सरकारने साफ कर दिया है कि अब केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी यानी CPIO (Central Public Information Officer) के पद पर किसी भी छोटे अधिकारी या गैर-सरकारी व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की जा सकती ।

हाल ही में सरकार के पास कुछ ऐसे अनुरोध (requests) आ रहे थे, जिसमें बेहद जूनियर स्तर के कर्मचारियों को CPIO बनाने की मांग की जा रही थी । इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने स्पष्ट गाइडलाइंस (clear guidelines) जारी कर दी हैं। आइए जानते हैं कि सरकार को यह फैसला क्यों लेना पड़ा और अब आरटीआई के नियमों में क्या बदलाव आने वाला है।

आखिर क्या है पूरा मामला? (The Core Issue)

दरअसल, डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (DPE) के आरटीआई डेस्क (RTI Desk) को पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे आवेदन मिल रहे थे, जिनमें असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (Assistant Section Officer – ASO) या फिर ‘यंग एसोसिएट’ (Young Associate) जैसे गैर-सरकारी कर्मचारियों (non-officials) को CPIO मनोनीत करने का आग्रह किया जा रहा था ।

जब यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो पाया गया कि ये अनुरोध पूरी तरह से स्थापित कार्यालय प्रक्रिया (office procedure) के खिलाफ थे । सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि ये प्रस्ताव संबंधित डिविजनल हेड्स (divisional heads) की मंजूरी या अप्रूवल के बिना ही भेजे जा रहे थे । इसके बाद सरकार ने इस पर तुरंत लगाम लगाने का फैसला किया ।

कानून की चुप्पी और MoP का सहारा

आपको बता दें कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act, 2005) और इसके तहत बनाए गए नियम इस बात पर पूरी तरह मौन (silent) हैं कि किस स्तर या रैंक के अधिकारी को CPIO मनोनीत किया जाना चाहिए । कानून में रैंक का कोई स्पष्ट उल्लेख न होने के कारण ही इस तरह की प्रशासनिक विसंगतियां (administrative anomalies) सामने आ रही थीं।

सरकार ने इस असमंजस को दूर करने के लिए एक बेहद तार्किक और कानूनी रास्ता निकाला है। जारी किए गए आधिकारिक ज्ञापन (Office Memorandum) में कहा गया है कि:

“यदि कोई अधिनियम (Act) या नियम किसी विषय पर मौन हैं, तो ऐसी स्थिति में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी मैनुअल ऑफ ऑफिस प्रोसीजर (Manual of Office Procedure – MoP) के प्रावधानों पर भरोसा किया जाना चाहिए। इसके साथ ही अन्य मंत्रालयों और विभागों में अपनाई जा रही परंपराओं और मिसाल (practice and precedents) को आधार बनाया जाना चाहिए ।”

भले ही मैनुअल ऑफ ऑफिस प्रोसीजर (MoP) का निर्माण आरटीआई कानून के अस्तित्व में आने से बहुत पहले हुआ था, लेकिन इसके अध्याय 6 (Chapter 6) में पत्राचार के रूपों और प्रक्रियाओं (forms & procedures of communication) को विस्तार से समझाया गया है । यह व्यवस्था स्पष्ट रूप से यह मानकर चलती है कि सरकार की ओर से किए जाने वाले सभी प्रकार के महत्वपूर्ण पत्राचारों में वरिष्ठ अधिकारी (senior officers) ही शामिल होंगे ।

CPIO का पद इतना महत्वपूर्ण क्यों है? (Why CPIO Role is Crucial)

आरटीआई एक्ट, 2005 के तहत केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) का पद कोई सामान्य प्रशासनिक पद नहीं है । सरकार ने अपने आदेश में इसके महत्व को रेखांकित करते हुए दो सबसे मुख्य कारण बताए हैं:

1. राज्य की प्रामाणिक आवाज (The Voice of the State)

CPIO के कंधों पर यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वह स्वीकार्य प्रकटीकरण (permissible disclosure) और अस्वीकार्य प्रकटीकरण (impermissible disclosure) के बीच के बारीक अंतर को समझे । इसका सीधा मतलब यह है कि कौन सी जानकारी जनता को दी जानी चाहिए और कौन सी देश की सुरक्षा या गोपनीयता के हित में रोकी जानी चाहिए, इसका फैसला बहुत सोच-समझकर करना होता है । क्योंकि एक बार जब CPIO द्वारा कोई जानकारी सार्वजनिक (public) कर दी जाती है, तो उसे ‘राज्य की ओर से आई प्रामाणिक सूचना’ (information coming from the state) माना जाता है ।

2. केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में एकमात्र प्रतिनिधि

जब भी आरटीआई के तहत कोई द्वितीय अपील (second appeal) होती है, तो CPIO ही केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission – CIC) के समक्ष अपने पूरे विभाग या मंत्रालय का पक्ष रखने वाला एकमात्र प्रतिनिधि (sole representative) होता है । वह विभाग और सीआईसी (CIC) के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी (sole link) होता है और उसे आयोग द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होता है ।

जनहित और गोपनीयता में संतुलन जरूरी

सरकार का मानना है कि CPIO हमेशा एक ऐसा जिम्मेदार और परिपक्व अधिकारी (responsible officer) होना चाहिए, जो इस बात का आकलन करने में सक्षम हो कि किस मामले में ‘जनहित’ (public interest) किसी संरक्षित हित या गोपनीयता को बनाए रखने से अधिक महत्वपूर्ण है । एक जूनियर स्तर का कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति इस प्रकार के गंभीर और संवेदनशील नीतिगत निर्णय (policy decisions) नहीं ले सकता ।

आदेश की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Takeaways)

नीचे दी गई तालिका से आप इस नए प्रशासनिक आदेश को आसानी से समझ सकते हैं:

विषय (Topic)पुरानी स्थिति / विसंगतिनई गाइडलाइन / निर्णय (New Decision)
पात्रता रैंक (Eligibility Rank)ASO या यंग एसोसिएट के लिए अनुरोधकेवल अंडर सेक्रेटरी (Under Secretary) या उससे ऊपर के अधिकारी
प्रस्ताव की प्रक्रिया (Process)बिना विभागीय प्रमुख की अनुमति केउचित आधिकारिक चैनल और MoP के नियमों के तहत
गैर-सरकारी सदस्य (Non-officials)नियुक्ति की मांग की जा रही थीपूर्णतः प्रतिबंधित और अव्यवहारिक (Not Feasible)
आधार (Legal Basis)कानून में स्पष्टता का अभावमैनुअल ऑफ ऑफिस प्रोसीजर (MoP) और MHA का मॉडल

निष्कर्ष: प्रशासनिक शुचिता की ओर बड़ा कदम

डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज के आरटीआई सेल (RTI Cell) के उप सचिव और नोडल अधिकारी (Dy. Secretary & Nodal Officer) डॉ. पी.के. सिन्हा द्वारा जारी यह कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है । इससे न केवल आरटीआई आवेदनों के निस्तारण में गंभीरता आएगी, बल्कि सरकारी सूचनाओं की गोपनीयता और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

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यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी प्रतियां सभी संबंधित निदेशकों (Directors), संयुक्त सचिवों (Joint Secretaries) और सलाहकारों (Advisors) को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई हैं ।

Disclaimer: यह रिपोर्ट आधिकारिक सरकारी ज्ञापन संख्या 27.1/2009-DPE (RTI) के आधार पर तैयार की गई है । प्रशासनिक मामलों की सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट्स को चेक करें।

RTI CPIO Rules
मोदी सरकार के बड़े फैसले की कॉपी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ Section)

RTI नियमों में हुए इस बड़े बदलाव को लेकर पाठकों के मन में उठने वाले कुछ महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब यहाँ दिए गए हैं:

Q1. क्या अब कोई भी जूनियर कर्मचारी CPIO बन सकता है?

उत्तर: नहीं, केंद्र सरकार के नए आदेश के मुताबिक अब असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) या उसके समकक्ष रैंक के जूनियर अधिकारियों को केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) नहीं बनाया जा सकता है । CPIO बनने के लिए अधिकारी का रैंक कम से कम अंडर सेक्रेटरी (Under Secretary) या उससे ऊपर होना अनिवार्य है ।

Q2. क्या प्राइवेट या गैर-सरकारी व्यक्ति (Non-Official) CPIO नियुक्त हो सकता है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं । सरकार ने साफ किया है कि कई विभागों में ‘यंग एसोसिएट’ जैसे गैर-सरकारी या बाहरी लोगों को CPIO बनाने की मांग की जा रही थी, जिसे पूरी तरह से खारिज और प्रतिबंधित कर दिया गया है । यह पद बेहद संवेदनशील है, इसलिए इस पर केवल स्थायी सरकारी अधिकारी ही बैठेंगे ।

Q3. अगर आरटीआई एक्ट (RTI Act) में रैंक को लेकर नियम स्पष्ट नहीं हैं, तो यह फैसला किस आधार पर लिया गया?

उत्तर: चूंकि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 इस विषय पर मौन है, इसलिए सरकार ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी मैनुअल ऑफ ऑफिस प्रोसीजर (Manual of Office Procedure – MoP) के नियमों का सहारा लिया है । इसके चैप्टर 6 के तहत महत्वपूर्ण सरकारी पत्राचारों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी को आवश्यक माना गया है ।

Q4. CPIO का पद सरकार के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

उत्तर: CPIO ही वह माध्यम है जिसकी कही गई बात को ‘राज्य या सरकार की आधिकारिक प्रामाणिक सूचना’ माना जाता है। इसके अलावा, केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में चल रही दूसरी अपील (Second Appeal) के दौरान CPIO ही अपने पूरे मंत्रालय या विभाग का एकमात्र कानूनी प्रतिनिधि होता है ।

Q5. यह नया आदेश किस मंत्रालय या विभाग द्वारा जारी किया गया है?

उत्तर: यह महत्वपूर्ण कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के अंतर्गत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (Department of Public Enterprises – DPE) के आरटीआई सेल द्वारा जारी किया गया है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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