
रायपुर (chaturpost.com)। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज (CSPCL) में प्रमोशन और पोस्टिंग को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मानव संसाधन (HR) विभाग के मूल अधिकारियों को नियमों के विपरीत जाकर वित्त विभाग (Finance Department) में पदस्थ कर दिया गया है। मुख्य अभियंता (मानव संसाधन), CSPTCL की तरफ से जारी प्रमोशन ऑर्डर के बाद बिजली कंपनियों के भीतर असंतोष की आग सुलग उठी है। छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी संघ (महासंघ) ने इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया है और सीधे चेयरमैन को विरोध पत्र सौंप दिया है।
क्या है पूरा मामला? (The Core Issue)
महासंघ के प्रदेश महामंत्री पुनारद राम साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) के मानव संसाधन विभाग की तरफ से 08 मई 2026 को एक पदोन्नति आदेश (क्रमांक 413658) जारी किया गया। इस आदेश के तहत प्रशासनिक अधिकारी / सहायक प्रबंधक (HR) से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी / प्रबंधक (HR) के पद पर 14 अधिकारियों की पदोन्नति सह पदस्थापना की गई।
विवाद तब शुरू हुआ जब इस लिस्ट के सरल क्रमांक 11 पर दर्ज श्रीमती प्रतिभा खुंटे और सरल क्रमांक 14 पर दर्ज श्री दिलेश्वर सिंह को उनकी मूल कंपनी से हटाकर दूसरी कंपनी के वित्त विभाग (Finance/Accounts Department) में पोस्टिंग दे दी गई। संघ का आरोप है कि यह कदम तत्कालीन MPEB, CSEB और वर्तमान CSPCL के सेवा नियमों, भर्ती नियमों (Recruitment Rules) एवं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताओं के पूर्णतः खिलाफ है।
नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 5 बड़े विधिक बिंदु
संघ के प्रदेश महामंत्री पुनारद राम साहू ने माननीय अध्यक्ष (Chairman) को भेजे पत्र में इस आदेश की विसंगतियों को उजागर किया है। मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
क्या विभाग के निजीकरण (Privatization) की रची जा रही है साजिश?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के प्रबंधन पर खड़ा हो रहा है। संघ ने सवाल उठाया है कि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने आखिर किस प्रशासनिक मजबूरी या दबाव में आकर गैर-वित्तीय पृष्ठभूमि (Non-Financial Background) के अधिकारियों को अपने वित्त विभाग में रखने की सहमति दी?
विद्युत कंपनियों में बिजली बिलिंग (Power Billing), राजस्व (Revenue) और वाणिज्यिक संपादन के लिए वित्त विभाग को रीढ़ की हड्डी माना जाता है। संघ को आशंका है कि नियमित संवर्ग (Regular Cadre) को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। वर्तमान में CSPDCL के वित्त विभाग में लगभग एक दर्जन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आउटसोर्स (Outsource) के माध्यम से काम कर रहे हैं। ऐसे में नियमित पदों पर असंबंधित कैडर के लोगों को बैठाना, विभाग के पूर्ण आउटसोर्सिंग या निजीकरण (Privatization) की ओर इशारा करता है।
नियमों की अनदेखी
यह पद तत्कालीन MPEB के समय से निचले वर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति के प्रतिष्ठित पद थे। बाद में प्रबंधन ने कार्य की महत्ता को देखते हुए व्यावसायिकों (Professionals जैसे MBA-HR और CA) की सीधी भर्ती (Direct Recruitment) के माध्यम से इस संवर्ग को उन्नत किया था। परंतु वर्तमान में जिस तरह से नियुक्तियां की जा रही हैं, उससे विद्युत कंपनियों के कैडर स्ट्रक्चर में भारी असंतोष (Dissatisfaction) व्याप्त हो गया है।
संघ की मुख्य मांगें: तुरंत निरस्त हो आदेश
छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी संघ/महासंघ ने न्याय के सिद्धांतों और प्रशासनिक ढांचे की रक्षा के लिए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- तत्काल निरस्तीकरण: दिनांक 08-05-2026 के पदोन्नति आदेश के सरल क्रमांक 11 एवं 14 के अधिकारियों की CSPDCL के वित्त विभाग में की गई दोषपूर्ण पदस्थापना को तुरंत निरस्त (Cancel) किया जाए।
- संशोधित आदेश जारी हो: इन अधिकारियों को उनके मूल संवर्ग (HR) के अनुरूप ही जनरेशन कंपनी या अन्य कंपनी के मानव संसाधन विभाग में पदस्थ करने हेतु संशोधित आदेश (Amended Order) जारी किया जाए।
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विधिक हस्तक्षेप की तैयारी: संघ ने इस विरोध पत्र की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, और ऊर्जा सचिव (Energy Secretary), छत्तीसगढ़ शासन को भी आवश्यक विधिक हस्तक्षेप के लिए सादर प्रेषित की है ताकि इस प्रशासनिक अराजकता पर लगाम लगाई जा सके। अब देखना होगा कि प्रबंधन इस विसंगति को सुधारता है या कर्मचारियों का यह आक्रोश उग्र आंदोलन का रूप लेता है।







