कर्मचारी हलचल

रेलवे में हड़कंप! पद खत्म करने के फैसले के खिलाफ भड़के कर्मचारी, DRM दफ्तर का घेराव कर दी बड़ी चेतावनी

रायपुर: भारतीय रेलवे में इस वक्त एक बड़े फैसले को लेकर अंदरूनी घमासान मच गया है। रेलवे बोर्ड (Railway Board) द्वारा जनशक्ति युक्तिकरण यानी मैनपावर रैशनलाइजेशन (Manpower Rationalization) के नाम पर विभिन्न विभागों से पदों को समाप्त (Surrender of Posts) किए जाने का विरोध अब सड़कों पर उतर आया है।

इसी कड़ी में (Consequently), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर संघ (SECRMS), रायपुर मंडल द्वारा आज एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। नाराज रेल कर्मचारियों ने रायपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के माध्यम से रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष (Chairman Railway Board) के नाम एक तीखा ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पदों की कटौती नहीं रुकी, तो रेल व्यवस्था ठप हो सकती है।

कर्मचारियों पर बढ़ेगा वर्कलोड, रेल सुरक्षा पर मंडराया गंभीर खतरा

मजदूर संघ ने अपने सौंपे गए ज्ञापन में बेहद गंभीर मुद्दे उठाए हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि भारतीय रेल (Indian Railways) में पहले से ही लाखों पद खाली पड़े हैं। ऐसी नाजुक स्थिति में स्वीकृत पदों (Sanctioned Posts) में और ज्यादा कटौती करना जलती आग में घी डालने जैसा है।

Railway Job Cuts

इसके अलावा (Furthermore), पदों के सरेंडर होने से मौजूदा रेल कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार (Additional Workload) थोप दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों के भीतर मानसिक और शारीरिक तनाव (Mental and Physical Stress) अत्यधिक बढ़ जाएगा। संघ का दावा है कि थके हुए और तनावग्रस्त कर्मचारियों के भरोसे ट्रेनें चलाने से रेल सुरक्षा (Railway Safety) और ट्रेनों के सुचारू परिचालन व्यवस्था (Operational Efficiency) पर बेहद बुरा और खतरनाक असर पड़ सकता है।

रंगीन HTML बुलेट पॉइंट्स: संघ की 4 सबसे बड़ी और प्रमुख मांगें

रायपुर मंडल के कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रशासन के सामने अपनी बातें रखी हैं। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

📌 1. पदों के समर्पण (Surrender of Posts) पर तुरंत रोक: जनशक्ति युक्तिकरण के नाम पर पदों को समाप्त करने की इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से (Immediately) पूरी तरह बंद किया जाए।
📌 2. खाली पदों पर शीघ्र सीधी भर्ती (Urgent Recruitment): रायपुर मंडल सहित सभी विभागों में पहले से रिक्त पदों (Vacant Posts) पर बिना किसी देरी के नई भर्ती सुनिश्चित की जाए।
📌 3. सुरक्षा श्रेणी (Safety Category) से कोई समझौता नहीं: यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी ‘सुरक्षा श्रेणी’ के किसी भी स्वीकृत पद को भविष्य में कभी भी समाप्त न किया जाए।
📌 4. अतिरिक्त कार्यभार और मानसिक शोषण पर लगाम: पदों की कटौती कर मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार (Additional Workload) थोपना बंद हो, ताकि उनका मानसिक तनाव कम किया जा सके।

एक तरफ विस्तार, दूसरी तरफ छंटनी; रेलवे की दोहरी नीति पर उठे सवाल

मजदूर संघ के वरिष्ठ नेताओं ने रेलवे बोर्ड की दोहरी नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल वर्तमान समय में एक अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रही है। देश भर में लगातार रेलवे का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण (Railway Electrification), नई रेल लाइनों का तेजी से विस्तार, पटरियों का दोहरीकरण (Doubling) एवं त्रिस्तरीकरण (Third Line Installation) किया जा रहा है।

इसके साथ ही (In addition to this), वंदे भारत और अमृत भारत जैसी दर्जनों नई ट्रेनों का संचालन (Operation of New Trains) शुरू हो रहा है और स्टेशनों का पुनर्विकास (Station Redevelopment) किया जा रहा है। जब रेलवे का काम कई गुना बढ़ गया है, तो तार्किक रूप से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। लेकिन इसके विपरीत (On the contrary), रेलवे बोर्ड पदों को ही खत्म करने पर तुला हुआ है, जो समझ से परे है।

Railway Job Cuts

“कर्मचारी बचाओ — रेलवे बचाओ” के नारों से गूंजा रायपुर DRM दफ्तर

आंदोलन के दौरान रायपुर मंडल के कर्मचारियों ने गगनभेदी नारे लगाए। “कर्मचारी बचाओ — रेलवे बचाओ” के मुख्य और आकर्षक संदेश (Slogan) लिखी तख्तियां लेकर कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई। संघ ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों के अधिकारों, उनके पारिवारिक हितों और रेल सुरक्षा को बनाए रखने के लिए यह विरोध प्रदर्शन (Protest) और आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की आवाज को हर स्तर पर मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

इस बड़े विरोध प्रदर्शन को भारतीय मजदूर संघ (BMS) के शीर्ष पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी पूर्ण और खुला समर्थन प्राप्त हुआ है।

आंदोलन में ये दिग्गज नेता रहे मुख्य रूप से शामिल

रायपुर मंडल में आयोजित इस विशाल कार्यक्रम और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया का नेतृत्व रायपुर मंडल सचिव सूरज कुमार देवांगन ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष टाटा बाबु राव द्वारा की गई। इस दौरान भारी संख्या में पदाधिकारी और रेल कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:

  • बसंत महापात्र (जोनल कार्यवाह महामंत्री)
  • अभिषेक रेड्डी (जोनल कोषाध्यक्ष)
  • नगपुरे और धनूक साहू (जोनल उपाध्यक्ष)
  • कोमल साहू (कार्यकारी अध्यक्ष एवं विभाग प्रमुख, BMS रायपुर)
  • पी. के. चोपकर (कोषाध्यक्ष) तथा किशोर चोपकर
  • मनोज कुमार (रनिंग ब्रांच सचिव)
  • बी. के. देवांगन, राजेश निषाद, आर. एस. साहू, जितेन्द्र जी एवं बी. आर. साहू सहित सैकड़ों सक्रिय रेल कर्मचारी।

रेलवे प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे जल्द से जल्द नई दिल्ली स्थित रेलवे बोर्ड अध्यक्ष तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि कर्मचारियों के इस बड़े आक्रोश के बाद क्या केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय अपने इस फैसले को वापस लेता है या नहीं।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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