
लेखक: छगन लाल लोन्हारे (उप संचालक जनसम्पर्क)
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास (Industrial Development) को अपनी प्राथमिकता बनाया है। राज्य सरकार की स्पष्ट नीतियों का परिणाम अब धरातल पर दिखने लगा है। आज 12 अप्रैल का विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के कुशल नेतृत्व और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को रेखांकित करने का दिन है।
नई औद्योगिक नीति 2024-2030: प्रगति का रोडमैप
छत्तीसगढ़ अपने रजत जयंती वर्ष (2026) की ओर बढ़ रहा है। इस परिवर्तनकारी दौर में राज्य की नई औद्योगिक नीति (2024-2030) समावेशी विकास पर केंद्रित है। मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में राज्य ने पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकी युग में कदम रखा है।
मुख्य उपलब्धियां:
- निवेश और रोजगार: करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव और सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना।
- आधुनिक तकनीक: नवा रायपुर में देश का पहला एआई (AI) डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और आईटी सेक्टर में निवेश।
- प्रशासनिक सुधार: ई-निविदा और सिंगल विंडो सिस्टम से व्यापार करने में सुगमता (Ease of Doing Business)।
श्रमिक सशक्तिकरण: समाज की आधारशिला
श्रम विभाग की योजनाएं दर्शाती हैं कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की नींव हैं। उनके बच्चों के लिए उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा और मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि देना सरकार की दूरदर्शिता का प्रमाण है।
“श्रमिकों के जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है।”
प्रमुख श्रम कल्याण पहलें:
- आर्थिक सहायता: पिछले दो वर्षों में करोड़ों रुपये सीधे श्रमिकों के खातों (DBT) में हस्तांतरित।
- शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना: मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन।
- सुरक्षा कवच: आवास सहायता और दुर्घटना की स्थिति में त्वरित आर्थिक सहयोग।
सामाजिक समावेशन और भविष्य की राह
छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास यात्रा में महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों को भी जोड़ा है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा जैसे कदम सामाजिक समावेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की प्रशासनिक दक्षता से छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य (Preferred Destination) बन गया है। यह समन्वय न केवल आंकड़ों में, बल्कि आम नागरिक के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रहा है।







