
Agitation रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन की तरफ से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 22 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की गई है। इस आंदोलन को लेकर फेडरेशन से संबंद्ध सभी संगठन एक जुट है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि आंदोलन को लेकर 12 अगस्त को इंद्रवाती भवन में सभी संगठनों की बैठक हुई। इसमें सभी संगठनें ने 22 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन को सफल बनाने का निर्णय लिया है।
Agitation सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने जारी किया लेटर
22 की हड़ताल को लेकर छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने अपने सभी जिला संयोजकों को लेटर जारी किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेश तिवारी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, सचिव श्रीकांत लास्कर और उपाध्यक्ष संजय सोनी के हस्ताक्षर से जारी इस लेटर में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की तरफ से 11 सूत्रीय मांग के संबंध में “मोदी की गारंटी लागू करने, कलम रख मसाल उठा आंदोलन 22 अगस्त 2025 सामूहिक अवकाश लेकर जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन आयोजित है।
फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांग के बिंदु क्रमांक 11 में प्रदेश के कार्यभारित, संविदा और दैनिक वेतन कर्मचारियों को नियमितीकरण किए जाने की मांग शामिल है। जिसका छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ पूर्ण रूप से नैतिक और भौतिक समर्थन करता है। राज्य के समस्त संविदा अधिकारी व कर्मचारी से अपील करता है कि 22 अगस्त 2025 को सामूहिक अवकाश लेकर जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन में सम्मिलित होकर एक दिवसीय हड़ताल को सफल बनाए।
Agitation यह है फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांग
1. प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए मोदी की गारंटी अनुसार केन्द्र के समान 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय तिथि से दिया जाए।
2. प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी अनुसार जुलाई 2019 से समय समय पर देय महंगाई भत्ते की लंबित एरियर्स राशि का समायोजन जीपीएफ खाते में किया जाए।
3. वेतन विसंगति एवं अन्य मुद्दो के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
4. प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान कमशः 8 वर्ष, 16 वर्ष, 24 वर्ष एवं 30 वर्ष सेवा पूर्ण करने उपरांत लागू किया जाए।
5. सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त शिक्षक एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जाए।
6. प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
7. प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
8. मध्यप्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय सेवकों को 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण दिया जाए।

9. प्रदेश के शासकीय सेवकों को पुरानी पेंशन के लाम हेतु एन.पी.एस. खाते में कटौती तिथि से सेवा गणना की जाये। साथ ही पूर्ण पेंशन की पात्रता के लिए नीति निर्धारित की जाए।
10. प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।
11. प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, संविदा एवं दैनिक वेतन कर्मचारियों का नियमतीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाए।







