
Mobile Data Issue नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने संसद में मोबाइल उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़ा एक बेहद बुनियादी लेकिन गंभीर मुद्दा उठाया है। चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों द्वारा डेटा रिचार्ज प्लान के नाम पर की जा रही ‘लूट’ पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब यूजर पूरे डेटा का पैसा चुकाता है, तो रात 12 बजे उसका बचा हुआ डेटा एक्सपायर (Expire) क्यों हो जाता है?
“डेटा यूजर का है, तो कैरी फॉरवर्ड क्यों नहीं?”
संसद में अपनी बात रखते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि देश का आम आदमी अपने मोबाइल पर डेली डेटा रिचार्ज (1.5 GB, 2 GB या 3 GB) कराता है। अक्सर दिन भर के इस्तेमाल के बाद यूजर का 30% से 40% डेटा बच जाता है। लेकिन मौजूदा नियमों के मुताबिक, रात 12 बजते ही वह डेटा शून्य हो जाता है और अगले दिन उसे कैरी फॉरवर्ड (Carry Forward) नहीं किया जाता।
राघव चड्ढा के तर्क के मुख्य बिंदु:
* पूरा भुगतान: यूजर हर MB डेटा के लिए कंपनी को पूरा पैसा देता है।
* अधिकार का हनन: अगर 3 GB में से 1 GB डेटा बच गया है, तो उस पर यूजर का अधिकार होना चाहिए, न कि कंपनी उसे ‘जब्त’ कर ले।
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* दूसरे दिन का लाभ: बचा हुआ डेटा अगले दिन के कोटा में जुड़ना चाहिए ताकि उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार उसका उपयोग कर सके।
कंपनियों की ‘डेटा लूट’ का गणित
राघव चड्ढा ने बताया कि मंथली प्लान के नाम पर कंपनियां किस तरह उपभोक्ताओं की जेब काट रही हैं। करोड़ों मोबाइल यूजर्स का रोजाना बचा हुआ डेटा अरबों की कमाई का जरिया बन रहा है। उन्होंने मांग की कि टेलीकॉम रेगुलेटरी को ऐसे नियम बनाने चाहिए जिससे यूजर का बचा हुआ डेटा बर्बाद न हो और उसे अगले दिन के प्लान में जोड़ा जाए।
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: राघव चड्ढा के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आम नागरिक इस मुद्दे का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि लगभग हर स्मार्टफोन यूजर इस समस्या से जूझ रहा है।







