
Karmchari रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन बड़े आंदोलन की तैयारी में है। फेडरेशन की तरफ से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की गई है। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए बैठकों का दौर जारी है। इस बीच फेडरेशन की तरफ से आंदोलन को लेकर पोस्टर जारी किया गया है।
कलम बंद काम बंद
फेडरेशन ने इस आंदोलन को कलम बंद काम बंद नाम दिया है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि तीन दिवसीय हड़ताल को लेकर संभाग स्तर पर बैठके चल रही हैं। 13 दिसंबर को दुर्ग संभाग की बैठक हुई, जिसमें सभी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया है।
आज बस्तर संभाग की बैठक
हड़ताल को लेकर संभाग स्तरीय बैठक के क्रम में आज बस्तर संभाग की बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक दंतेवाड़ा में होगी। इन बैठकों में फेडरेशन से संबद्ध कर्मचारी अधिकारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।
18 को होगी बिलासपुर संभाग की बैठक
संभाग स्तरीय बैठकों का कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया गया था। 18 को बिलासपुर संभाग की बैठक होगी। इसके बाद 19 को सरगुजा और 20 रायपुर संभाग में बैठक प्रस्तावित है। इसी तरह बस्तर संभाग की एक बैठक 21 दिसंबर को जगदलपुर में प्रस्तावित है।
पोस्टर के जरिये एकता और ताकत दिखाने का प्रयास
फेडरेशन की तरफ से आंदोलन के लिए पोस्टर जारी किया गया है। इसमें कर्मचारियों की एकजुटता और ताकत दिखाने का प्रयास किया गया है। पोस्टर पर लिखा है लड़कर लिया है लड़कर लेंगे, हमने दिलाया है हम ही दिलाएंगे।
सबसे बड़ा संयुक्त संगठन
बता दें कि कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा संयुक्त संगठन है। फेडरेशन में 125 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी संगठन शामिल हैं। इसकी वजह से फेडरेशन प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों की आवाज बना हुआ है।
मोदी की गारंटी पूरी करने की मांग
फेडरेशन की तरफ से मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने की मांग की जा रही है। बात दें कि भाजपा ने 2023 का अपना चुनावी घोषणा पत्र मोदी की गारंटी के नाम से जारी किया था। इसमें प्रदेश के शासकीय सेवकों से भी कई वादें किए गए थे।
यह है 11 सूत्रीय मांग
फेडरेशन की मांग है कि राज्य के शासकीय सेवकों और पेंशनर्स को भी केंद्रीय कर्मियों के देय तिथि से महंगाई भत्ता दिया जाए। एरियर्स का जीपीएफ खातों में समायोजन किया जाए। सभी कर्मचारियों को चार स्तीय समयमान वेतनमान प्रदान किया जाए। अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत की सिलिंग को शिथिल किया जाए।
वादें के अनुसार दैनिक, संविदा और अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और सभी विभाग में सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 65 वर्ष की जाए समेत अन्य मांगें शामिल हैं।




