
नई दिल्ली न्यूज डेस्क। केंद्र सरकार ने देश के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के आर्थिक कार्य विभाग (Department of Economic Affairs) ने वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष (Senior Citizens Welfare Fund – SCWF) के लिए नई ब्याज दरों का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है ।
सरकार द्वारा जारी इस ताजा राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification) के बाद अब इस फंड में जमा राशि पर सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न का रास्ता साफ हो गया है ।
1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगी दरें
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना संख्या फा. सं. 13/20/2014-एन.एस. के अनुसार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष (Senior Citizens Welfare Fund) के तहत की गई जमा राशि पर अब 6.85 प्रतिशत (6.85%) की वार्षिक ब्याज दर (Interest Rate) प्रभावी होगी । यह नई दर 1 अप्रैल, 2025 से लेकर 31 मार्च, 2026 तक की अवधि के लिए लागू मानी जाएगी । सरकार ने साफ किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है ।
मुख्य बातें और आधिकारिक आंकड़े (Bullet Points)
वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव (Joint Secretary) व्यासन आर. के हस्ताक्षर से जारी इस सरकारी आदेश की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
- तय ब्याज दर: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर 6.85% तय की गई है ।
- प्रभावी तिथि (Effective Date): यह ब्याज दर 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगी ।
- आधिकारिक प्रकाशन: इस अधिसूचना को भारत के राजपत्र (The Gazette of India) के असाधारण (Extraordinary) भाग-1, खण्ड-1 में प्राधिकार से प्रकाशित किया गया है ।
- पारदर्शिता और भरोसा (Trust): सरकारी मुद्रणालय (Directorate of Printing) द्वारा नई दिल्ली से जारी यह नोटिफिकेशन पूरी तरह प्रामाणिक और विश्वसनीय है ।
वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष (SCWF) क्या है?
आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया सीनियर सिटीजन वेलफेयर फंड (Senior Citizens Welfare Fund) मुख्य रूप से देश के बुजुर्गों के वित्तीय कल्याण (Financial Welfare) को सुरक्षित करने के उद्देश्य से काम करता है। विभिन्न डाकघर योजनाओं (Post Office Schemes), पीपीएफ (PPF) और ईपीएफ (EPF) खातों में जो राशि वर्षों तक बिना क्लेम किए (Unclaimed Deposits) पड़ी रहती है, उसे इस फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके बाद इस फंड का उपयोग वरिष्ठ नागरिकों के हित में चलाई जाने वाली योजनाओं में किया जाता है, जिस पर सरकार समय-समय पर ब्याज दरें अधिसूचित करती है।








