कर्मचारी हलचल

बिजली कंपनी की 6 साल पुरानी वसूली की कोशिश नाकाम, फोरम ने रिटायर्ड कर्मचारी को दी बड़ी राहत

बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (Consumer Forum) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बिजली विभाग की मनमानी पर रोक लगा दी है। फोरम ने बिलासपुर के एक रिटायर्ड बिजली कर्मचारी से की जा रही 32,183 रुपये की रिकवरी को गलत ठहराते हुए उसे रद्द (Cancelled) करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उपभोक्ता को प्रदेश सरकार की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ देने के निर्देश भी दिए हैं।

क्या है पूरा मामला? (Background)

सेवानिवृत्‍त विद्युत कर्मचारी महासंघ के राष्‍ट्रीय महामंत्री अरुणद देवांगन ने बताया कि बद्रीनाथ देवांगन, जो बिजली कंपनी के ही पूर्व कर्मचारी हैं, उन्होंने साल 2020 में स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली थी। विभाग ने अचानक नवंबर 2025 में उन्हें एक नोटिस थमाया, जिसमें अप्रैल 2020 से अक्टूबर 2025 के बीच दी गई छूट को गलत बताते हुए 32,183 रुपये जमा करने का निर्देश (Demand) दिया गया था। विभाग का तर्क था कि कर्मचारी ने 50% विभागीय छूट और हाफ बिजली बिल योजना के बीच सही विकल्प (Option) नहीं चुना था।

फोरम का कड़ा रुख (Strong Stance)

फोरम के अध्यक्ष सी.एम. बाजपेयी और सदस्य प्रीति रानी साव ने इस मामले की गहन समीक्षा (Review) की। फोरम ने पाया कि:

  • 6 साल बाद पुरानी राशि की पूर्व प्रभार के साथ वसूली करना न्यायसंगत नहीं है।
  • विभाग की अपनी गलती या देरी के कारण किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी को दंडित नहीं किया जा सकता।
  • सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी का कोई भी बकाया लंबित (Pending) नहीं था।

आदेश की मुख्य बातें (Key Highlights)

फोरम ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से निम्नलिखित Bullet Points के माध्यम से निर्देश दिए हैं:

  • वसूली रद्द: विभाग द्वारा जारी 32,183 रुपये के अतिरिक्त देयक (Additional Bill) को तुरंत निरस्त किया जाए।
  • हाफ बिजली बिल योजना: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दी जाने वाली ‘हाफ बिजली बिल योजना’ के तहत उपभोक्ता के बिल को पुनरीक्षित (Revised) कर जारी किया जाए।
  • अंतरिम आदेश का समापन: 13 जनवरी 2026 को दिया गया अंतरिम स्टे अब अंतिम आदेश में बदल गया है।
  • अपील का अधिकार: यदि कोई पक्ष संतुष्ट न हो, तो 45 दिनों के भीतर विद्युत लोकपाल (Electricity Ombudsman) रायपुर में अपील कर सकता है।

उपभोक्ताओं के लिए बड़ा संदेश (Expertise & Trust)

यह फैसला उन हजारों पेंशनर्स और उपभोक्ताओं के लिए एक नजीर (Example) है, जिन्हें विभाग तकनीकी खामियों या देरी का हवाला देकर परेशान करता है। फोरम ने साफ कर दिया कि विभागीय त्रुटि का बोझ उपभोक्ता पर नहीं डाला जा सकता। यह आदेश छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के नियमों के तहत उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की पुष्टि करता है।

आयोग में भी अपील

महासंघ के राष्‍ट्रीय महामंत्री अरुण देवांगन ने बताया कि इस संबंध में उन्‍होंने विद्युत नियामक आयोग में भी अपील की है। आयोग ने अपील स्‍वीकार करते हुए कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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