
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शनिवार की शाम मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक आए मौसम में बदलाव (Weather Change) के कारण भारी तबाही हुई है। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली चक्रवाती हवाओं ने कई इलाकों में पेड़ों को उखाड़ फेंका, जिससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आधी रात तक अंधेरा छाया रहा ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र ने एक मौसम की प्रेस विज्ञप्ति (Weather Press Release) जारी कर आगामी दिनों के लिए गंभीर चेतावनी (Warning) दी है । आइए जानते हैं कि आपके शहर में मौसम का क्या हाल रहने वाला है।
शनिवार की शाम कैसा रहा तबाही का मंजर?
शनिवार की शाम छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य भागों के लिए काल बनकर आई । अचानक गरज-चमक (Thunderstorm) के साथ शुरू हुई तेज आंधी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया ।
- धराशायी हुए पेड़: 50 KMPH से अधिक की रफ्तार वाली हवाओं के कारण कई स्थानों पर बड़े-बड़े और पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गए ।
- ओलावृष्टि (Hailstorm): प्रदेश के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिसने फसलों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया ।
- ब्लैकआउट की स्थिति: बिजली के खंभों पर पेड़ गिरने और तार टूटने की वजह से कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में आधी रात तक बिजली आपूर्ति (Power Supply) ठप रही, जिससे लोग उमस और अंधेरे में रहने को मजबूर हुए ।
प्रमुख शहरों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश
मौसम केंद्र रायपुर के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा (Light to Moderate Rainfall) दर्ज की गई है । वर्षा के मुख्य आंकड़े (Rainfall Data) सेंटीमीटर में इस प्रकार हैं:
- पाटन: 7 सेमी
- भिलाई: 5 सेमी
- गुंडरदेही, पेंड्रा रोड और रायपुर: 3 सेमी
- धमतरी और कुकरेल: 2 सेमी
- बिलासपुर और पिथौरा: 1 सेमी
इसके अतिरिक्त, प्रदेश में शनिवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया ।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 3 दिनों तक अलर्ट जारी
अगर आप सोच रहे हैं कि आंधी-बारिश का यह दौर थम गया है, तो आप गलत हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में कई सिनोप्टिक सिस्टम (Synoptic Systems) सक्रिय हैं ।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान (Weather Forecast): अगले 3 दिनों तक प्रदेश में तेज हवाओं, बिजली गिरने (Lightning) और हल्की बारिश के साथ गरज-चमक वाली गतिविधियां जारी रहने की प्रबल संभावना है ।
तापमान में होगी भारी बढ़ोतरी: बढ़ेगी चुभती गर्मी
राहत की बात यह है कि बारिश से मौसम थोड़ा ठंडा हुआ है, लेकिन Transition words के तौर पर कहें तो, यह राहत बेहद अस्थायी है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान (Maximum Temperature) में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी । इसके ठीक बाद, अगले 4 दिनों में धीरे-धीरे तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि दर्ज की जाएगी । यानी आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।
रायपुर शहर का स्थानीय पूर्वानुमान (Local Forecast)
राजधानी रायपुर के नागरिकों के लिए आज यानी 17 मई को आकाश आंशिक रूप से मेघमय (Partly Cloudy) रहेगा । शाम या रात के वक्त वर्षा या गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना है । रायपुर में आज अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है ।
आखिर क्यों बदला मौसम का मिजाज? जानिए वैज्ञानिक कारण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय भारत के वायुमंडल में कई चक्रवाती गतिविधियां एक साथ काम कर रही हैं, जिसके कारण छत्तीसगढ़ का मौसम प्रभावित हो रहा है:
- कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area): दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला है ।
- उत्तर प्रदेश में चक्रवात: मध्य उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है ।
- विदर्भ से कर्नाटक तक द्रोणिका: उत्तरपूर्वी विदर्भ से लेकर तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक होते हुए तटीय कर्नाटक तक एक द्रोणिका (Trough) समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर बनी हुई है, जो लगातार नमी खींच रही है ।
बड़ी खबर: मानसून के आगमन पर आया बड़ा अपडेट!
चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने देश और प्रदेश के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर भी साझा की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के केरल में प्रवेश करने की संभावित तारीख की घोषणा कर दी गई है ।
- मानसून आगमन की तारीख: मानसून के 26 मई 2026 को केरल में दस्तक देने की संभावना है ।
- मॉडल त्रुटि (Model Error): मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पूर्वानुमान में 4 दिन की मॉडल त्रुटि (आगे या पीछे) हो सकती है ।
यदि मानसून समय पर केरल पहुंचता है, तो जून के दूसरे सप्ताह तक छत्तीसगढ़ में भी झमाझम मानसून की बारिश शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है। तब तक नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें ।
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